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नैतिक शिक्षा की महत्ता बताने और पुस्तकों के माध्यम से नैतिक शिक्षा का प्रचार प्रसार करने के उद्देश्य से जुन्नारदेव के ग्राम चिखलमऊ में तरूणाई नैतिक शिक्षा वाचनालय का प्रारंभ किया गया। तरूणाई गृप के बारे में सरपंच सुखमन उइके ने बताया गया कि यह 15 से 35 वर्ष के युवक युवतियों का एक ऐसा गृप है जो स्थानीय समस्याओं एवं सामाजिक आवश्यकताओं के अनुसार सामजिक कार्य करेगा। यह एक गैर राजनीतिक समूह है। जिसके माध्यम से युवाओं को सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनाने और समाज में एक आदर्श नागरिक के रूप में अपना जीवन यापन करने हेतु प्रेरित किया जायेगा। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तरूणाई नैतिक शिक्षा वाचनालय का प्रारंभ किया गया है। इस वाचनालय में महान व्यक्तियों की जीवनी रखी गई है ताकि इनके व्यक्तित्व से हम सीख सके और सामाजिक कार्य कर सके। इस अवसर पर प्राचार्य शेखर दिक्षित, यादव सर, गुल्फरोश खान, मनोज बेलवंशी, पंच सरजू विश्वकर्मा और समस्त पंचायत कर्मी उपस्थित थे। सभी उपस्थित अतिथियों ने इस उपक्रम की सफलता हेतु अपनी शुभकामनाएं दी है साथ ही नैतिक शिक्षा से संबंधित पुस्तकें प्रदान करने हेतु समाज से अपील भी की है। इस अवसर पर श्री शेखर दिक्षित ने कहां कि नैतिक शिक्षा आज की महती आवश्यकता है क्योंकि आजकी युवा पीढ़ी में धैर्य की कमी और निराशा की अधिकता से हिंसा के साथ ही आत्महत्या जैसे मामले भी लगातार बढ़ रहे है। आज संघर्ष तो है लेकिन उसे सहने की क्षमता समाप्त हो चुकी है। ऐसे में इन पुस्तकों के माध्यम से निश्चित ही परिवर्तन संभव होगा।तरूणाई नैतिक शिक्षा वाचनालय के शुभारंभ अवसर पर वाचनालय को स्व अविनाश उपासनी चलित वाचनालय एवं नैतिक शिक्षा उपक्रम तथा स्व वनिता उपासनी स्मृति उपक्रम मजबुत बने बेटियां कार्यक्रम अंतर्गत 25 पुस्तकें भेंट की गई है। इस अवसर पर उपस्थित वाचनालय के सदस्यों व्दारा नियमित वाचन का संकल्प लिया गया।