आज दिनांक 26 अक्टूबर 2022 को मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक संजय बामने (विकास खण्ड जुन्नारदेव)के मार्गदर्शन में "गोवर्धन पूजा-प्रकृति के कृतज्ञता का महोत्सव" कार्यक्रम का आयोजन जनपद पंचायत जुन्नारदेव के सभा कक्ष में किया आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कुशाभाऊ अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल से सुबह 11:00 से किया गया, यह प्रसारण समस्त जिला एवं विकास खंड मुख्यालयों पर किया गया ! इस कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी मध्य प्रदेश शासन भोपाल के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा संबोधित किया गया कि प्रक्रतिके प्रति क्रतज्ञता प्रकट करने के उद्देश्य से आयोजित गोवर्धन पूजा के माध्यम से हमें जन-जन को वृक्षारोपण, गोवंश के संरक्षण और प्राक्रतिक खेती के लिए प्रेरित करना है. उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा में अधिकतम किसान, पर्यावरण प्रेमी और जनसामान्य को जोड़ा जाए.
सीएम शिवराज ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के संकट और प्रभावों को देखते हुए गोवर्धन पूजा अधिक प्रासंगिक हो गई है. सीएम ने कहा कि पूजा के माध्यम से समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश देने और इन गतिविधियों में व्यापक स्तर पर समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला, विकास स्तर पर किसानों के संगठन, वृक्षारोपण के लिए सक्रिय अंकुर अभियान के कार्यकर्ता कार्यक्रम से जुड़े सीएम शिवराज ने कहा कि गोवंश की व्यवस्थाओं के लिए गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएंगी. पर्यावरण और लोगों की स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्राक्रतिक खेती को प्रोत्साहन आवश्यक है. व्रक्षारोपण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से भावी पीढी को बचाने का उपयुक्त माध्यम है. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी मध्य प्रदेश
शासन भोपाल के द्वारा जनभागीदारी से पौधारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान, एवं मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान आदि विषयों पर सीधा संवाद किया इस कार्यक्रम में प्रस्फुटन समितियां /नवांकुर संस्थाएँ/
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छात्र-छात्राएं, समस्त मेंटर्स,अन्य समस्त स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता-सरजू विश्वकर्मा,आफरीन सबा, प्रांची विश्वकर्मा,रामरतन बेलवंशी उपस्थित थे l कार्यक्रम में उपस्थित प्राची विश्वकर्मा ने विभिन्न महत्व के महत्व कीगोवर्धन पूजा जिसे अन्नकूट या अन्नकूट (जिसका अर्थ है "भोजन का पहाड़ ") के रूप में भी जाना जाता है, एक हिंदू त्योहार है जिसमें भक्त गोवर्धन हिल की पूजा करते हैं और कृष्ण को एक विशाल विविधता के शाकाहारी भोजन की पेशकश करते हैं। कृतज्ञता का चिह्न। गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई है. इसमें हिन्दू धर्मावलंबी घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन नाथ जी की अल्पना बनाकर उनका पूजन करते है.उसके बाद गिरिराज भगवान (पर्वत) को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अन्नकूट का भोग लगाया जाता है.




