"खुशियों की दास्तां" ट्रायसिकल व व्हीलचेयर पाकर 2 अस्थिबाधित दिव्यांगों के चेहरे पर आई मुस्कान

दिव्यांगता के कारण व्यक्ति के मन में हीन भावना के साथ ही विभिन्न परेशानियों का भय बना रहता है, किन्तु जब उसे कहीं से कोई मनचाही मुराद मिल जाये तो उसका मन खिल उठता है और उसके चेहरे पर मुस्कान थिरकने लगती है । ऐसा जिले के एक दिव्यांग को ट्रायसिकल और एक दिव्यांग को व्हील चेयर की सौगात मिलने पर हुआ है तथा दोनों दिव्यांगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है। उनके आवागमन की समस्या दूर होने से अब वे सुगमतापूर्वक आवागमन करने के साथ ही अपने अन्य कार्य भी कर सकते हैं ।

सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय पर मोहबे मार्केट स्थित प्रताप शाला भवन छिन्दवाडा में जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र संचालित किया जा रहा है । इस केन्द्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को विभिन्न सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले के विकासखंड परासिया के नगर बड़कुही के 24 वर्षीय श्री शेख यासीन पिता श्री शेख रब्बानी का 8 माह पहले दुर्घटना में पैर कट गया था जिससे उन्हें चलने-फिरने और दैनिक दिनचर्या के कार्य करने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड रहा था। उन्हें जैसे ही जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के संबंध में जानकारी मिली तो वे इस केन्द्र में आये और अपनी समस्या से केन्द्र के अधिकारियों को अवगत कराया । इसी प्रकार शांति कॉलोनी छिन्दवाडा के निवासी 54 वर्षीय श्री संतोष यादव पिता श्री रामभरोस यादव भी लकवा से ग्रसित होने के कारण परेशान थे और उन्हें भी चलने-फिरने और दैनिक दिनचर्या के कार्य करने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड रहा था। वे भी इस केन्द्र में आये और अपनी समस्या से केन्द्र के अधिकारियों को अवगत कराया । केन्द्र के प्रशासनिक अधिकारी श्री पंचलाल चंद्रवंशी द्वारा तत्काल पहल करते हुये अस्थिबाधित दिव्यांग श्री शेख यासीन पिता श्री शेख रब्बानी को ट्रायसिकल और लकवाग्रस्त दिव्यांग श्री संतोष यादव पिता श्री रामभरोष यादव को व्हीलचेयर प्रदान की गई। अब ट्रायसिकल की सहायता से अस्थिबाधित दिव्यांग श्री शेख यासीन और व्हीलचेयर की सहायता से लकवाग्रस्त दिव्यांग श्री संतोष यादव सरलता से आवागमन के साथ ही अपने दैनिक दिनचर्या के कार्य सुगमतापूर्वक कर सकते हैं। अपनी मनचाही मुराद पूरी हो जाने से जहां दोनों अस्थिबाधित दिव्यांगों ने राज्य शासन के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की गई है, वहीं जिला प्रशासन व जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के अधिकारी और सभी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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