उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ.पक्षवार ने बैठक में जिले के सभी पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारियों को निर्देश दिये कि एन.ए.डी.सी.पी.एफ.एम.डी. का ऑनलाइन कार्य आगामी 10 जनवरी तक पूर्ण करायें और इसके लिये प्रत्येक वेक्सीनेटर को प्रति दिवस का कार्य व लक्ष्य प्रदान करें । उन्होंने एन.ए.आई.पी.चतुर्थ फेज का कार्य माह जनवरी के अंतिम सप्ताह तक पूर्ण करने, के.सी.सी.की प्रगति की रिपोर्ट प्रत्येक गुरुवार को भेजने, पशु बीमा व एन.एल.एम. योजना का लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिये । उन्होंने जिले की सभी गौ-शाला के नोडल व सहायक नोडल अधिकारियों को गौ-शालाओं में सतत् भ्रमण करने, गौ-शाला के अभिलेखों को पूर्ण रखने, गौ-वंश का उपचार करने, भूसा व पानी की पर्याप्त व्यवस्था करवाने, गौ-शाला के सभी गौ-वंश की टेगिंग किये जाने, ठण्ड के मौसम में गौ-शाला में गौ-वंश को ठंड से बचाने के लिये फट्टे/नेट लगाने और भवन मरम्मत मद के लिये प्राप्त आबंटन का उपयोग माह जनवरी में पूर्ण कराकर देयक भुगतान के लिये कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने विकासखण्ड हर्रई की गौ-शाला अतरिया और मढ़ी में गौ-वंश नहीं पाये जाने पर पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी चौरई को निर्देश दिये कि उनके क्षेत्र में जिन गौ-शालाओं में 100 से अधिक गौ-वंश हैं, उन्हें हर्रई की गौ-शालाओं में पहुंचायें।

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