गेहूं की कटनी के समय मौसम के बदले रुख ने किसानों की धड़कने बढ़ा रखी है। पल-पल मे मौसम का मिजाज बदल रहा है, जिससे किसान पर संकट मंडराने लगा है। स्थिति यह है कि पूरे देश का पेट भरने वाला किसान मौसम की मार से खुद चिंता मे है। गौरतलब है कि बीते 1 महीने से मौसम का कहर जारी है। चार दिन ठीक से नहीं गुजर पाते कि फिर मौसम खराब हो जाता है। पहले बेमौसम बारिश और आंधी तूफान से जहां गेहूं की फसल को अत्यधिक नुकसान पहुंचा है। अब बारिश से खेतों में पानी भरने की वजह से गेहूं की कटाई भी नहीं हो पा रही है। हालांकि कुछ किसानों ने कटाई शुरू कर दी थी लेकिन बारिश की वजह से आधी फसल को खेत पर छोड़ दिया है। अब किसान अपनी आंखों के सामने फसल की बर्बादी होते देख रहे हैं। किसान करे भी तो क्या उसकी किस्मत में केवल मायूसी आई है। अगर देखा जाए तो मौसम की मार से गेहूं की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। इससे साफ जाहिर है कि अगर उत्पादन प्रभावित हुआ तो इसका असर सीधे मूल्य पर पड़ेगा। बीते वर्ष की तरह गेहूं का संकट दोबारा आ सकता