"खुशियों की दास्तां" जल संरक्षण व संवर्धन में महिलाओं को जागरूक करने पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु के हाथों "स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान" से सम्मानित होंगी ग्राम गढ़मऊ की श्रीमती अनिता चौधरी


यदि हम समय रहते सचेत नहीं हुये तो आने वाले समय में हमें पानी के लिये तरसना पड़ सकता है तथा घटता भू-जल यही संकेत दे रहा है कि इस संकेत को समझते हुये पानी की फिजूलखर्ची पर समय रहते अंकुश लगाया जाये तो हमारे लिये बेहतर रहेगा । हर क्षेत्र में योगदान करने वाली महिलायें इस दिशा में सराहनीय भूमिका निभा सकती है तथा घर के कामकाज के दौरान इस तरफ थोड़ा ध्यान देकर यदि पानी का कम उपयोग करें तो जल संरक्षण व संवर्धन में काफी मदद मिल सकती है। कुछ इसी तरह के संदेशों के साथ मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ विकासखंड के ग्राम गढ़मऊ में रहने वाली श्रीमती अनिता चौधरी महिलाओं को जागरुक करने में लगी हैं। उनकी जागरूकता का ही यह परिणाम है कि जहां जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम की ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजना में ग्राम के लोगों को हर घर जल योजना में घर बैठे ही शुध्द जल प्राप्त हो रहा है, वहीं शत-प्रतिशत जल कर की राशि जमा हो चुकी है और ग्रामवासी जल संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में जागरूक हो गये हैं । जल सखी श्रीमती अनीता चौधरी के इन प्रयासों से भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता मिशन विभाग द्वारा श्रीमती चौधरी का चयन "स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान- 2023" के लिये किया गया है जिससे न केवल छिंदवाडा जिला बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश गौरवान्वित हुआ है । श्रीमती अनिता चौधरी को यह पुरूस्कार देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों आगामी 4 मार्च को विज्ञान भवन नई दिल्ली में प्राप्त होगा । इस उपलब्धि पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ग्राम गढ़मऊ की जल सखी व बहन श्रीमती अनीता चौधरी को जल संरक्षण और उसके सदुपयोग का अप्रतिम संदेश देकर महिलाओं को जागरूक करने पर बहुत-बहुत बधाई देते हुये कहा है कि ग्राम जल एवं स्वच्छता तदर्थ समिति की सदस्य बहन अनीता जल सखी के रूप में निष्ठा पूर्वक दायित्व निभा रही हैं और उन्होंने जलकर वसूली के कार्य को बखूबी निभाते हुए ग्राम को शत-प्रतिशत जलकर वसूली की श्रेणी में ला दिया है। उनके प्रयासों से ग्राम गढ़मऊ जल जीवन मिशन भारत के अंतर्गत हर घर जल ग्राम घोषित हो गया है । जल संरक्षण हमारा दायित्व ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है। जल बचेगा तो जीवन बचेगा और हमारी भावी पीढ़ियां अधिक खुशहाल और समृध्द होंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी से आव्हान किया है कि आइए, बहन अनीता के प्रयासों में भी सहभागिता निभायें और जल रूपी जीवन को बचाने का प्राण-प्रण से प्रयास करें ।
ग्राम गढ़मऊ की जल सखी श्रीमती अनीता चौधरी एक गृहणी हैं और वह सामाजिक कार्यों में भी रुचि लेती है। गांव में समूह जल प्रदाय योजना आने के पूर्व उन्होंने स्वयं और गांव के लोगों को भीषण पानी की समस्या से जूझते हुए देखा है। अक्सर वाद-विवाद की स्थिति का भी सामना किया है, इसलिए वह जल संरक्षण के लिए कई वर्षों से प्रयासरत हैं। वह गांव की महिलाओं को घटते भू-जल से भविष्य में सामने आने वाली दिक्कत से अवगत कराती हैं। महिलाओं को कम पानी के उपयोग में अधिक काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्हें पानी की कीमत समझाती हैं। कहती हैं कि जल संरक्षण पर यदि ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में शुध्द पेयजल मिलना मुश्किल हो जायेगा, इसलिए अभी पानी का महत्व समझते हुए उसके अनाप-शनाप उपयोग से परहेज करना आरंभ कर देना चाहिए। वह कहती हैं कि इसमें महिलाएं बड़ा योगदान दे सकती हैं। घर में रहकर काम-काज के दौरान पानी का उपयोग करते हुए कम पानी में अधिक काम करने की आदत डालना चाहिये। बर्तन साफ करने, कपड़े धोने, घर की धुलाई जैसे कार्यों के दौरान काफी पानी की बचत की जा सकती है। वह कहती हैं कि गांव में जल संरक्षण को लेकर एक कार्यक्रम हुआ था। उसके बाद से वह संपर्क में आने वाली महिलाओं को इसके प्रति जागरूक करने का प्रयास करती हैं। उन्हें लगता हैं कि सरकारी स्तर से किए जा रहे प्रयासों के साथ घर की महिलाएं भी इसमें बड़ा योगदान दे सकती हैं। गांव में ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजना के प्रारंभ से ही उनके द्वारा ग्राम जल एवं स्वच्छता तदर्थ समिति की सदस्य होने के नाते वह जिम्मेदारीपूर्वक समिति की मासिक बैठक और जलकर के आय-व्यय की जानकारी से अवगत कराती हैं। साथ ही जल के संरक्षण के लिए निरंतर गांव की महिलाओं को जागरूक करने का कार्य कर रही हैं।
जल निगम की परियोजना क्रियान्वयन ईकाई सिवनी के महाप्रबंधक श्री आर.सी.पवार और प्रबंधक श्री बसंत कुमार बेलवंशी ने बताया कि जल निगम द्वारा छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड मोहखेड़ में 54.89 करोड़ रूपये लागत की मोहखेड़ समूह जल प्रदाय योजना 30 ग्रामों में संचालित है तथा ग्राम गढ़मऊ इन ग्रामों में शामिल है । इस ग्राम में 112 परिवार हैं । उन्होंने बताया कि श्रीमती अनिता चौधरी सृष्टि स्व-सहायता समूह की सदस्य होने के साथ ही जल सखी के रूप में भी कार्य कर रही हैं। जल सखी के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने राजस्व वसूली के अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य को बखूबी निभाते हुए अपने गांव में जलकर की राशि 2 लाख 88 हजार 135 रूपये व 59 पैसे की शत-प्रतिशत जलकर की राशि 2 लाख 88 हजार 135 रूपये की राजस्व वसूली का कार्य कर यह राशि जल निगम में जमा कराकर अपने गांव को शत-प्रतिशत गांव की श्रेणी में ला दिया हैं। उनके द्वारा नये कनेक्शन की मांग के लिये महिलाओं को जागरूक किया गया जिससे ग्राम गढ़मऊ जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल की श्रेणी में लाने के लिये सहयोग किया गया है और ग्राम गढ़मऊ हर घर जल घोषित ग्राम है। जल सखी के रूप में कार्य करते हुए श्रीमती अनिता चौधरी ने पानी की शुध्दता की जांच करने का प्रशिक्षण भी लिया है और वह गांव में समय-समय पर पानी की जांच करके दूसरों को अवगत भी कराती हैं। साथ ही वह गांव के अन्य लोगों को भी प्रशिक्षित कर रही हैं। वह जल संरक्षण के लिए आयोजित की गई महत्वपूर्ण बैठकों और संवाद कार्यक्रमों में भी भाग लेती हैं और उपस्थित जनसमूह से जल संरक्षण को लेकर संवाद स्थापित करती हैं। श्रीमती अनीता चौधरी के इन प्रयासों व उपलब्धियों को देखते हुये भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता मिशन विभाग द्वारा श्रीमती चौधरी का चयन "स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान- 2023" के लिये किया गया है । इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले के साथ ही जल निगम की परियोजना क्रियान्वयन ईकाई सिवनी के महाप्रबंधक श्री पवार और प्रबंधक श्री बेलवंशी द्वारा श्रीमती अनीता चौधरी को बधाई और शुभकामनायें दी गई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ