गायत्री शक्तिपीठ सौसर में आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी पर कार्यशाला

 शांतिकुंज हरिद्वार के सूक्ष्म संरक्षण एवं 108 कुंडिय गायत्री यज्ञ छिंदवाड़ा के प्रयाज कार्यक्रम के अंतर्गत तहसील की अनेक गांवों से बहने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, और गायत्री परिजन सम्मिलित हुए। जिसे महिला प्रकोष्ठ से श्रीमती प्रमिला लोढेकर, ने भावी पीढ़ी और उसके दायित्व में महिलाओं की भूमिका पर प्रस्तावना दी । एवम श्रीमती ज्ञानेश्वरी बिसेन ने सफल संचालन के साथ प्रेरक मार्गदर्शन किया। डॉ. मृणाली कंटक ने *पु:सवन संस्कार* क्यों और कैसे पर चिंतन प्रस्तुत किया।
     ज्ञात हो की की गर्भस्थ शिशु को पोषण के रूप में आहार विहार के साथ सात्विक साहित्य का पठन, मंत्र जाप, आध्यात्मिक चिंतन, मन में प्रसन्न भाव आदि प्रमुख बातो को वक्ता बहनों ने समझाया।
   निशा काले, गीता शिंदे, सौसर सुरेखा राउत, पारड़सिंगा, मालती चौरागड़े रामाकोना, शिवानी साहू पिपला, कल्पना बैंगने, रेखा पवार पंधराखेड़ी, कंचन पवार खैरीतायगांव, सुमन वानखेड़े, अलका आहूजा सौसर, जया ठाकरे रंगारी, मोना उईके मोहगांव, शुभांगी निम्बुलकर कढ़ैया, माधुरी दोरखड़े घोटी, ज्योति बोबडे बोरगांव, अश्विनी तवले निमनी 150 से अधिक बहने  उपस्थित रही जिन्होंने अपने अपने वार्ड और गांव मे गर्भस्थ बहनों की कार्यशाला आयोजित करनेका संकल्प लिया। गायत्री परिवार ट्रस्ट सौसर ने सभी को विनम्र धन्यवाद ज्ञापित किया।

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