स्थानीय लोगों के सहयोग से मंदिर परिसर में की गई साफ-सफाई
डैम खुलने के बाद गंदगी और बदबू से श्रद्धालुओं के हाल बेहाल
जुन्नारदेव ----शिव की नगरी देवस्थली पहली पायरी इन दिनों उपेक्षा का शिकार होती नजर आ रही है, जिसमें मुख्य रुप से ग्राम पंचायत जुन्नारदेव विशाला और जनभागीदारी समिति जुन्नारदेव विशाला की घोर लापरवाही स्पष्ट रूप से उजागर हो रही है। जहां पर मेले के दौरान जनभागीदारी समिति द्वारा दान पात्रों से रुपए इकट्ठे करना तो नहीं भूला गया, किंतु साफ सफाई की उचित व्यवस्था ना बनाए जाने के बाद अब वर्तमान में दोनों डेम से गंदगी और बदबू के कारण लोगों के हाल बेहाल है वही पंचायत द्वारा भी देवस्थली में लगने वाली दुकानों से प्रतिमाह वसूली तो की जाती है किंतु इन पैसों का उचित उपयोग साफ-सफाई व्यवस्था में नहीं किया जाता है। वर्तमान में जुन्नारदेव विशाला मंदिरों के चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, वही दोनों डैम के गेट खुल जाने के बाद सफाई ना होने से बदबू और सड़ांध से लोगों के हाल बेहाल कर रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि देवस्थली पहली पायरी लगातार उपेक्षा का शिकार हो रही है, और इसके लिए पूर्ण जिम्मेदार ग्राम पंचायत जुन्नारदेव विशाला और जनभागीदारी समिति जुन्नारदेव विशाला है।
मेले के समय वाहवाही लेने के लिए उमड़ते हैं राजनेता - शिव की नगरी जुन्नारदेव नगर की पहचान पहली पायरी जुन्नारदेव विशाला मंदिर लगातार श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष केंद्र रहा है जहां पर लगातार श्रेय की राजनीति भी चरम पर रहती है। इस स्थली पर राजनीतिक पार्टियां अपनी रोटी सेकने से नहीं चूकती है, वहीं यदि बात की जाए साफ-सफाई और व्यवस्था बनाने की तो ना तो प्रशासन नजर आता है ना जनभागीदारी समिति और ना ही राजनेता, ऐसे में जुन्नारदेव विशाला मंदिर लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है। यदि समय रहते वर्तमान में साफ सफाई नहीं की गई तो आगामी गर्मी के दिनों में बदबू और सड़ांध से श्रद्धालुओं के हाल बेहाल हो जाएंगे, गौरतलब हो कि जुन्नारदेव विशाला मंदिर में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान, ध्यान, पूजन, अर्चन के लिए पहुंचते हैं।
मेला उपरांत नहीं बनाई गई साफ सफाई व्यवस्था=पहली पायरी जुन्नारदेव विशाला मंदिर में प्रतिवर्ष मेला उपरांत साफ सफाई की व्यवस्था पंचायत द्वारा बनाई जाती थी, किंतु इस वर्ष ना तो पंचायत मेला उपरांत नजर आई और ना ही जनभागीदारी समिति, ऐसे में जहां मेले के दौरान भारी भरकम रकम वसूलने की बात आती है तो पंचायत और जनभागीदारी दोनों ही अपने खातों में राशि डलवाने से नहीं चूकते हैं, किंतु श्रद्धालुओं की आस्था के विशेष केंद्र पहली पायरी मंदिरों के आसपास गंदगी के अंबार को दूर करने में कोई सामने नहीं आ रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा जन सहयोग से अपने स्तर पर मंदिरों की साफ-सफाई तो की जा रही है, किंतु बड़े पैमाने पर चारों और बिखरी हुई गंदगी को कौन साफ करेगा इस पर सवालिया निशान खड़ा है। फिलहाल अब श्रद्धालुओं को पहली पायरी मंदिर के आसपास वाले क्षेत्र में साफ सफाई का इंतजार है। अब देखना यह है कि क्या जनभागीदारी समिति साफ सफाई व्यवस्था बनाती है या फिर ग्राम पंचायत जुन्नारदेव विशाला। उच्चाधिकारियों को भी इस ओर ध्यान देने की विशेष आवश्यकता है। फिलहाल जिला कलेक्टर से भी स्थानीय लोगों ने पहली पायरी में साफ सफाई व्यवस्था बनाने की मांग की है।



