छिंदवाड़ा@:- जिले के चौरई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम माचागोरा के समीप निर्मित की गई। माचागोरा बांध (पेंच व्यपवर्तन परियोजना) में शुक्रवार को सिवनी और छिंदवाड़ा के मत्स्य महासंघ के ठेकेदारों और मछुआरा संघ के सदस्यों ने भरपूर मछली पकड़ने और सुरक्षित मौसम के लिए माचागोरा में मां गांगा जी का पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में मछुआरे संघ के सदस्यों ने (माचागोरा देवता से प्रार्थना) किया। मछली पकड़ने का मौसम समाप्त होने के बाद माचागोरा जलाशय में मछली का शिकार 15 अगस्त तक प्रतिबंध है। लेकिन माचागोरा जलाशय से मत्स्य के विक्रय हेतु मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ (सह.) मर्यादित भोपाल कि विभागीय प्रक्रिया के तहत सात वर्षो कि अवधि के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया के तहत इस वर्ष नया ठेका हुआ है। 16 जून को ठेकेदारों को इसका चार्ज भी मिल गया है। जिसको लेकर शुक्रवार को सिवनी और छिंदवाड़ा के ठेकेदारों कि टीम के सभी के सदस्यों ने पूरी विधि-विधान से माचागोरा में पूजा अर्चना कर मां गांगा से आशिर्वाद लिया है। लेकिन हर साल 15 जून से 15 अगस्त तक मछली का शिकार प्रतिबंधित रहता है। क्योंकि इन दिनों मछलियां अपनी वंश वृद्धि के लिए प्रजनन करती हैं और अपना कुनबा बढ़ाती हैं। प्रतिबंध हटते ही 15 अगस्त से इसकी शुरुआत कि जाएगी। इस मौके पर पूजन में सिवनी के मठ सरकार इंटरप्राइजेस फर्म के ठेकेदार सदन कश्यप, दिनेश कश्यप, अभिलाष कश्यप, निरज ठाकुर (बंटी) पटेल, अंकुर ठाकुर, विशाल भलावी, छोटू कश्यप, सुरेश वर्मा। छिंदवाड़ा से सागर इंटरनेशनल कारपोरेशन फर्म से रामकुमार सिंगारे, संदीप पटेल, योगेन्द्र चंदेल, संदीप चौबे, सुरेश (बब्लु) चौरे, पंचम अमरोदे, सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
छ: वर्षो में मत्स्य बीज संचय :-
मत्सय विभाग के सूत्रों ने से मिली जानकारी के अनुसार करीब 6505 हेक्टेयर भूमि में फेले जल स्तर पर मत्स्य उत्पादन हेतु औसत जल क्षेत्र 3500 हेक्टयर में फैला हुआ है। 2018 में इसमें 17779 लाख मछलियों के बीज डाले गए थे। 2019 में 17520 लाख मछली बीज, 2020 में 18116 लाख मछली बीज, 2021 में 17524 लाख मछली के बीज, 2022 में 17642 लाख मछली बीज, 2023 में 18637 लाख मछली बीज डाले गए थे। गत सीजन में 412216 टन मछली उत्पादन हुआ था। 2018 में 17779 लाख बीज डाले गए। इस बार भी लाखों की संख्या में विभिन्न प्रजातियों के बीज डाले जाएंगे।


