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बैठक में बताया गया कि जिले की सामान्य औसत वर्षा 1059 मि.मी. है। वर्ष 2022 में लगातार बारिश होने से अति वर्षा की स्थिति उत्पन्न हुई थी। सितंबर 2022 तक 1548.7 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई, जो कि जिले की सामान्य औसत वर्षा से 46 प्रतिशत अधिक थी जिससे जिले की 14 तहसीलों में से 6 में फसल क्षति हुई थी और 258 ग्रामों के 2976 कृषकों की 998.454 हेक्टर रकबा की उद्यानिकी एवं अन्य फसलें प्रभावित हुई थीं। अतिवर्षा से 22 और आकाशीय बिजली गिरने से 18 जनहानि और 104 पशुहानि भी हुई थी। कुछ मकान भी क्षतिग्रस्त हुए थे। सभी में शासन द्वारा राहत राशि प्रदाय की जा चुकी है।
जिले में 122 ग्राम व 7 शहरी क्षेत्रों को बाढ़ उन्मुख चिंहित किया गया है। इन क्षेत्रों की विकासखंडवार जानकारी देते हुए जोखिम निर्धारण की स्थिति से अवगत कराया गया। बैठक में बताया गया कि जिले में बड़े और छोटे कुल 128 बांध और तालाब हैं, जिनमें से माचागोरा, कन्हरगांव और तोतलाडोह 3 बड़े बांध है । इन बांधों का जल संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ व अतिवृष्टि के लिये सुदृढ़ीकरण किया गया है । इस दौरान बाढ़ के इतिहास एवं वर्तमान स्थितियों के दृष्टिगत बाढ़ आपदा नियंत्रण के लिये संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि इस दिशा में समय के पूर्व सक्रियता से कार्य करें ताकि किसी प्रकार की अवांछित परिस्थितियां उत्पन्न नहीं हो । अत्यधिक वर्षा और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना बाढ़ के प्रमुख कारणों में से है । इस संबंध में निर्देश दिये गये कि ऐसी नदियां जिनमें जल स्तर बढ़ने पर बाढ़ आती है या बाढ़ की संभावना रहती है, तो इसकी पूर्व से ही चेतावनी जारी करने के साथ ही खतरे के जल स्तर का चिन्हांकन कर बाढ़ आपदा नियंत्रण में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षित करें। साथ ही बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष तैयार करने, प्राकृतिक जलाशय एवं जल निकास के लिये नालियों की बारिश पूर्व सफाई, जलाशयों के किनारे अतिक्रमण हटाने, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण करने, बाढ़ की पूर्व सूचना की व्यवस्था करने और आपातकालीन कार्यवाही के लिये आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव, समन्वय, आवश्यक वस्तुओं का भंडारण, दवाई व चिकित्सक दल, पशु चिकित्सा सेवायें, स्वास्थ्य व स्वच्छता, पेयजल, अस्थायी शिविर, अतिरिक्त खाद्यान्न की व्यवस्था आदि पर चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में कार्य करें। बैठक में बताया गया कि चौरई के ग्राम माचागोरा में संचालित पेंच व्यपवर्तन (वृहद) परियोजना के अंतर्गत पेंच बांध से अधिकतम 7000 घन मी. आकस्मिक जल निकासी के कारण 12 ग्राम आमटा, मुआरी, पालरी, बांधी, लोनीबर्रा, सिरस, कौवाखेड़ा, पोनिया, कोनापिंडरई, बादगांव, खैरघाट व रमपुरीटोला प्रभावित होते हैं । इन ग्रामों में बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए की गई तैयारियों के संबंध में अलग से जानकारी प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर श्रीमती पटले ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण संबंधी तैयारियों के साथ ही जनजागृति अभियान चलाकर लोगों को बाढ़ से बचने की जानकारी दें । सभी महत्वपूर्ण दूरभाष नंबर व मोबाईल नंबर की जानकारी जिला आपदा नियंत्रण केन्द्र के साथ साझा करें । जिले में बाढ़ की पूर्व सूचना एवं प्रचार-प्रसार की सुव्यवस्थित प्रणाली बनाकर उसे सुदृढ़ कर लें। उन्होंने सभी एसडीएम को अनुभाग स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबंधन की बैठक आयोजित करने और आगामी 10 दिवस के अंदर हर एक प्रभावित गांव एवं शहरी क्षेत्र का बाढ़ आपदा प्रबंधन प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए । उन्होंने निर्देश दिए कि बांध से पानी छोड़ने की सूचना त्वरित गति से साझा करने की व्यवस्था रहे। बारिश के पूर्व सभी सड़कों की आवश्यक मरम्मत, निर्माणाधीन सड़कों का समुचित डायवर्सन, समुचित बोर्ड्स, बाढ़ संभावित ग्रामों और पहुंचविहीन ग्रामों में अग्रिम राशन, जर्जर भवनों का चिन्हांकन, नाला- नालियों की सफाई, जन एवं पशु दोनों के दृष्टिगत दवाइयों का भंडारण एवं उपलब्धता, चिकित्सक दल का गठन, पशुओं का टीकाकरण, चारा-भूसे की पर्याप्त उपलब्धता, क्लोरिनेशन, रेस्क्यू स्थल मैपिंग, बाढ़ बचाव सामग्री एवं आवश्यक उपकरणों, तैराकों की व्यवस्था, प्राइवेट रिसोर्स मैपिंग आदि सुनिश्चित कराएं। जिला कंट्रोल रूम का प्रभारी अधिकारी अधीक्षक भू-अभिलेख श्री सुधीर मोहन अग्रवाल को बनाया गया है जिनके कार्यालय का फोन नंबर 07162-243423 व मोबाईल नंबर 9074450124 है । इसी प्रकार तहसील स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाये गये हैं। बैठक में कमाण्डेंट होमगार्ड को बाढ़ आपदा से बचाव के लिये मोटरबोट, रस्सी, टार्च आदि आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित कर होमगार्ड के जवानों को तैयार रखने के निर्देश दिये गये। साथ ही जलाशयों से जल छोड़ने के पूर्व इस आशय का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराने और बाढ़ आपदा के नियंत्रण के लिये जिला, तहसील व ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को सक्रिय कर प्रभावित स्थलों पर साईनेज लगाने के निर्देश भी दिये गये।


