इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी विभाग की मदद से विकसित किये जा रहे फलोद्यान के बारे में जानकारी ली।
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कलेक्टर ने किया बम्हनी-मुक्की में फलोद्यान का निरीक्षणकान्हा पार्क से लगी 85 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है फलोद्यानकलेक्टर, डॉ. गिरीश मिश्रा द्वारा 11 जुलाई 2023 को विश्व प्रसिद्ध कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के समीप के ग्राम बम्हनी एवं मुक्की मे वन अधिकार अधिनियम के तहत लाभार्थी अनुसूचित जनजाति के 22 कृषको से रूबरू चर्चा की गई। इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी विभाग की मदद से विकसित किये जा रहे फलोद्यान के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने फलोद्यान में केशर आम का पौधा भी लगाया और किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें फलोद्यान के बीच में कोदो-कुटकी एवं अन्य लगाने के लिए कृषि विभाग से मार्गदर्शन भी दिलाया जायेगा और इस फलोद्यान को एग्रोटुरिज्म व प्राकृतिक खेती के लिए एक माडल के रूप में विकसित किया जायेगा।ग्राम पंचायत बम्हनी एवं मुक्की में बंजर नदी से लगी लगभग 85 एकड़ अनेक वर्षो पड़त भूमि मे स्थायी आजीविका के साधन तैयार करने एवं परिवार के पलायन को रोकने के लिए शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों को भूमि उपलब्ध कराई गई है। इस भूमि मे उद्यानिकी एवं कृषि फसलों की खेती में मनरेगा योजना से प्रति परिवार 150 मानव दिवस का देकर निजी खेत फलोउद्यान तैयार करने की तीन वर्षीय कार्ययोजना तैयार की गई है। बैहर एसडीएम श्री तन्मय वशिष्ट शर्मा द्वारा 05 जून 2023 को पौधरोपण कर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।सहायक संचालक उद्यान हरगोविंद धुवारे ने इस दौरान बताया कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए ग्राम बम्हनी एवं मुक्की के लिए तैयार की गई योजना में पौधरोपण किया जा रहा है। जिसमे 17 कृषक हितग्राहियो के द्वारा उद्यानिकी विभाग की नर्सरी से 1700 उन्नत किस्मो के कलमी आम का पौधरोपण पूर्ण किया गया है । इस योजना में लाभांवित होने वाले समस्त कृषकों को मनरेगा योजना से 3 वर्ष लगभग एक लाख रूपये मजदूरी मे आय होंगी तथा 3 वर्ष बाद 4-5 वर्ष मे फलोद्यान मे फलन मे होगा। जिससे निरंतर पौधे मे फलो की पैदावार बढ़ती रहेंगी और 10 वर्ष बाद एक एकड़ मे लगे 100 पौधे से अनुमानित 2 लाख रुपये से अधिक की स्थायी आय कृषको को प्राप्त होंगी।श्री धुवारे ने बताया कि फलोद्यान के बीच भूमि अंतरशय ( इंटर क्रॉप ) मे प्राकृतिक एवं जैविक रूप से जगनी (करडी), कोदो, कुटकी की बुवाई की गई है। बंजर नदी से लगे 85 एकड़ भूमि मे अर्थ फोकस फाउंडेशन के द्वारा फेंसिंग की गई है। पौध रोपण स्थल पर कलेक्टर डॉ मिश्रा द्वारा एक आम का पौधा किस्म केशर भी लगाया गया और उन्होंने फलोद्यान की भूमि मे जैविक पद्धति से सब्जियों की खेती कराने उद्यान विभाग को एवं मिलेट के अंतर्गत कोदो, कुटकी के अलावा अन्य मोटे अनाज ज्वार बाजरा, सावा की फसल के लिए कृषि विभाग को निर्देश दिए गये। उन्होंने कहा कि फलोद्यान की इस भूमि पर बारहमासी सिंचाई सुविधा के लिए बिजली उपलब्ध कराने शीघ्र प्रयास किया जायेगा।कलेक्टर डॉ मिश्रा ने ग्राम बम्हनी-मुक्की में कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की गेट पर बाहर से आने वाले सेलानियों, पर्यटको के लिए 85 एकड़ भूमि को एग्रोटुरिज्म प्राकृतिक खेती का एक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। कान्हा पार्क के आस-पास के रिसोर्ट मे ताजी सब्ज़ी एवं फ्रेश दूध की पूर्ति भी चिचरिंगपुर एवं मुक्की से होंगी। इस फलोद्यान से विशेष पिछडी जनजाति बैगा के लोंगों का रोजगार की तलाश में पलायन रोकने मे इस वर्ष सफलता मिली है और इसके कारण उनके बच्चों को शिक्षा भी मिल रही है।