कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में एवं मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय के मार्गदर्शन पर 01 दिन की बच्ची के हृदय रोग की सर्जरी का सफल ऑपरेशन नारायणा हृदयालय मुंबई में कराया गया।
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एक दिन की बच्ची को मिला नया जीवनमुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना ने बचाई नई जिंदगीकलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में एवं मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय के मार्गदर्शन पर 01 दिन की बच्ची के हृदय रोग की सर्जरी का सफल ऑपरेशन नारायणा हृदयालय मुंबई में कराया गया। इस आपरेशन से बच्ची का जीवन बच गया है और उसे नई जिंदगी मिल गई है। बच्ची के माता-पिता आपरेशन के बाद बच्ची को नया जीवन मिल जाने से बहुत खुश है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने बताया कि श्री रूपेंद्र कटरे कटंगी तहसील के ग्राम देवठाना के निवासी है। इन्होंने अपनी पत्नी का प्रसव शहीद भगत सिंह शासकीय जिला चिकित्सालय बालाघाट में कराने के लिए एडमिट किया था। जिला चिकित्सालय बालाघाट में सीजर आपरेशन के माध्यम से एक बच्ची का जन्म हुआ । सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ.संजय धबड़गांव ने बताया कि यह बच्ची जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित थीं और जन्म के तत्काल बाद उसे जिला चिकित्सालय बालाघाट के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। एसएनसीयू के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. निलय जैन के द्वारा बताया गया कि बच्ची को गंभीर हृदय रोग की बीमारी है और इसे तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है, अतः इसको आप हायर सेंटर लेकर जाए। परिजनों द्वारा बिना किसी देरी के बच्ची को गोंदिया के निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां इको कराया गया, इको में पाया गया कि बच्ची को हृदय की समस्या है और उसे तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता है। यदि बच्ची का ऑपरेशन नहीं कराया गया तो बच्ची की जान बचा पाना संभव नहीं है।ऐसी स्थिति में बच्चे के पिता बहुत घबरा गए और उन्होंने रात 11 बजे श्री राजाराम चक्रवर्ती जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक को काल किया कि बच्ची के इलाज की मदद कर दें। श्री चक्रवर्ती ने मामला तुरंत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय के संज्ञान में लाया । डॉ पांडेय ने तत्काल बच्ची को मुंबई ले जाने के लिए निर्देशित किया और अस्पताल में बच्ची का समस्त इलाज कराने की बात कही । बच्ची के पिता रूपेन्द्र कटरे बच्ची को लेकर एंबुलेंस से गोंदिया से सीधे नारायणा हृदयालय मुंबई के लिए निकल गए । इधर बच्ची के परिवार वालों ने दस्तावेजों से संबंधित आवश्यक कार्यवाही जिला शीघ्र प्रबंधक के माध्यम से तैयार कराया और प्रकरण तैयार करने के बाद उसे तत्काल अप्रूवल देते हुए बच्ची के इलाज के लिए 01 लाख 80 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई ।बच्ची लगभग 01 महीने भर्तीरहने के उपरांत मुंबई से स्वस्थ होकर लौट गई है । आज 12 जुलाई को बच्ची के माता पिता एवं उनके परिवार के हर सदस्य ने मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन प्रशासन को धन्यवाद दिया और कहा ऐसा समय जब माता स्वयं अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करा रही हो दूसरी ओर बच्ची को हृदय रोग की समस्या हो और पास में पैसे नहीं हो तब इस प्रकार से मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना का सफलतापूर्वक लाभ मिलना मानो ऐसा सिद्ध होता है जैसे प्रकृति ने किसी मसीहा को हमारे सहयोग के लिए भेज दिया हो । उन्होंने इस पूरे इलाज के दौरान सहयोग करने के लिए जिला प्रशासन एवं डॉ मनोज पांडेय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉक्टर संजय धबड़गांव सिविल सर्जन, श्री राजाराम चक्रवर्ती जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक आर बी एस के एवं डीआईसी के समस्त स्टाफ मेंबरों का धन्यवाद किया, जिन्होंने बच्ची के ईलाज के लिए अपना सहयोग देकर बच्ची को नया जीवन देने में सहयोग किया है।