जगह-जगह राजनैतिक धार्मिक सामाजिक संगठनों द्वारा किया गया रैली का स्वागत
प्रसाद भंडारे का भी हुआ वितरण
कन्हान बचाओ मंच को मिला समर्थन,=बंटी साहू जुन्नारदेव
जुन्नारदेव ----- विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 52 गढ़ो में से एक गढ़ जुन्नौरगढ़ पहली पायरी मैं विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी सामाजिक संगठन जुन्नारदेव द्वारा अल सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया जहां पर सामाजिक बंधुओं द्वारा पूजन अर्चन कर रैली का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रुप से सभी आदिवासी सगा समाज गारादेही, बिलावर, उमराड़ी, छाबड़ा, जूनापानी, गोरखघाट, करनपिपरिया, खमराकला, गुद्धम, टाटारवाड़ा, आलीवाड़ा, रिछेड़ा, उमरिया फदाली, नजरपुर जमकुंडा, पालाचौरई, जुन्नारदेव विशाला सहित नगरीय क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग एकत्रित होकर विशाल रैली पहली पारी से प्रारंभ की गई जो चिकलमऊ होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचकर संविधान निर्माता डॉ बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा को माल्यार्पण कर तिलक लगाकर उनके चरणों में पुष्प अर्पित किया गया बौद्ध युवा ग्रुप ने रैली को माला पहनाकर भव्य स्वागत किया एवं फलों का वितरण किया रैली मुखर्जी चौक, पुरानी बस्ती होते हुए पहली पायरी जुन्नारदेव विशाला पहुंची जहां बड़े देव का पूजन कर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ किया गया जिसमें बैतूल की प्रसिद्ध गायिका ममता उनके द्वारा ढूंढी गीत की शानदार प्रस्तुति देकर समां बांधा गया
*कान्हा मंच को मिला* समर्थन*विश्व आदिवासी दिवस पर कन्हान बचाओ मंच में जुन्नारदेव को जिला बनाने की मांग को कान्हा मंच के बंटी साहू के द्वारा निवेदन करने पर आदिवासियों के द्वारा कहा गया कि हम कनान बचाओ मंच को समर्थन एवं जिला जुन्नारदेव बनाने के लिए समर्थन देंगे कन्हान मंच बंटी साहू के द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया
*जगह-जगह राजनीतिक धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने किया* रैली का जोरदार स्वागत---- आदिवासी समाज द्वारा आयोजित की गई इस रैली का नगरी क्षेत्र में प्रवेश के दौरान जगह-जगह स्वागत किया गया जिसमें कन्हान बचाओ मंच जुन्नारदेव द्वारा रैली के आगमन पर पुष्प वर्षा का स्वागत किया गया वहीं नगर पालिका परिषद और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा भी रैली का स्वागत नगरी क्षेत्र में किया गया इसके अतिरिक्त अन्य धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा भी जगह-जगह रैली का स्वागत सत्कार किया गया रैली आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी सगा समाज के लोग उपस्थित रहे।

