कलेक्टर श्री पुष्प की अध्यक्षता में सौंसर के बुनकरों और अधिकारियों के साथ बैठक संपन्न


कलेक्टर श्री मनोज पुष्प की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट के मिनी संवाद कक्ष में जिले के सौंसर के हाथकरघा उद्योग के बुनकरों के उत्पादों को उनकी पहचान दिलाने और उनके लिए मार्केट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अधिकारियों और बुनकरों के साथ बैठक संपन्न हुई । कलेक्टर श्री पुष्प ने बैठक में आवश्यक चर्चा की और दिशा निर्देश दिये । उल्लेखनीय है कि जिले के सौंसर का हाथकरघा उद्योग भी अपनी गौरवशाली परंपरा की विरासत को संजोये हुए है। सौंसर क्षेत्र में हाथकरघा पर बुनाई परंपरागत रूप से अति प्राचीन परंपरा है, जिसमें वर्ष 1970 तक नौवारी एवं सातवारी महाराष्ट्रीयन पैटर्न की सूती साड़ी यहां के प्रमुख उत्पाद थे। समय के साथ लोगों के पहनावे में परिवर्तन होने और औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप अनेक हाथकरघा क्लस्टर बंद हो गए, लेकिन इन सभी कठिनाइयों का सामना करते हुए भी सौंसर के हाथकरघा उद्योग ने अपना अस्तित्व बनाये रखा। यहां बुनकरों के समक्ष अनेक चुनौतियां विद्यमान हैं, लेकिन उन्होंने इस पारंपरिक कला को विलुप्त होने से बचाने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति एवं लगनशीलता को बरकरार रखा है। स्थानीय बुनकर सिल्क एवं सूती धागों तथा जरी संयोजन कर अति उत्कृष्ट वस्त्रों का उत्पादन कर रहे हैं।
       बैठक में कलेक्टर श्री पुष्प ने बुनकरों के उत्पाद, उनकी डिजाइन और गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन किया और बुनकरों की कारीगरी की सराहना की। उन्होंने उत्पादों के प्रकार, क्वांटिटी, कीमत, विक्रय आदि से संबंधित जानकारी प्राप्त की और सौंसर के उत्पादों के लिए आकर्षक ब्रांड नेम का चयन करने, लोगो डिजाइन करने और उत्पादों में सौंसर से जुड़े यूनिक पैटर्न का चयन करने आदि के सुझाव दिए जिससे यहां के हाथकरघा उत्पादों को अपनी अलग पहचान मिल सके। उन्होंने यहां के उत्पादों के लिए मार्केट उपलब्ध कराने के लिये माउथ पब्लिसिटी करने, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म उपलब्ध कराने, जिला एवं संभाग स्तरीय फेस्टिवल का आयोजन करने, रुचि रखने वाले बुनकरों को शासन की योजनाओं एवं बैंकों के माध्यम से सहज लोन उपलब्ध कराने आदि की दिशा में कार्य करने के संबंध में निर्देशित किया। जिले में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान भी सौंसर के हाथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी लगाने के निर्देश भी दिए। बैठक में सहायक संचालक हाथकरघा श्री संजय श्रीवास्तव, नवागत महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र श्री बरकड़े,  हाथकरघा कार्यालय से श्री मेघराज गोखे, श्रम पदाधिकारी श्री संदीप मिश्रा और स्थानीय बुनकर श्री भोजराज लिखारे, श्री गौरी शंकर हेडाऊ और श्री गंगाधर शेंद्रे उपस्थित थे।     

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