13 वर्षीय नन्हे बालक की अद्भुत कला
छिंदवाड़ा ----- प्रतिभाएं साधनों की मोहताज नहीं होती है इसका श्रेष्ठ उदाहरण वर्तमान में अनेकों प्रतिभाओं द्वारा साबित भी किया जा चुका है जिन्होंने साधन और संसाधन के अभाव में अपनी प्रतिभा को उजागर किया है वही खुशियों के छोटे बड़े पलों को परिवार के साथ एकजुट होकर मनाने के लिए भी यह प्रतिभा आर्थिक रूप से कमजोर होने के बाद भी खुशियां मना ही लेती है जिसका श्रेष्ठ उदाहरण 13 वर्ष के नन्हे बालक नितिन सरेआम ने प्रस्तुत किया है यह 13 वर्षीय बालक ग्राम पंचायत जाता छापर का निवासी है जो नन्ही ही गणेश प्रतिमा को आकार देता नजर आ रहा है इस नन्हे बालक द्वारा तैयार की जा रही गणेश प्रतिमा की चहू और जमकर सरहन भी हो रही है बालक द्वारा आर्थिक तंगी के बाद भी अपनी प्रतिभा को उजागर करने कि इस ललक को लोग जमकर सराहा रहे हैं वर्तमान में बालक द्वारा गणेश चतुर्थी के पूर्व इस श्री गणेश प्रतिमा को आकार देने का कार्य जारी है और यह बालक आर्थिक तंगी के अभाव में भी अपने प्रिया भगवान श्री गणेश को अपने घर में विराजमान करेगा।

