त्रिशक्ति मंच नारी के भीतर छिपे योद्धा की सृजनात्मक शक्ति है - प्रो.अमर सिंह
त्रिशक्ति मंच के लोक हित के पुण्य प्रयास दबी मनुष्यता की आवाज हैं - गोवर्धन यादव
त्रिशक्ति के कायनाद संरक्षक प्रयास मानवता के दिव्य सोपान हैं - अशोक जैन
छिन्दवाड़ा/27 नवंबर 2023/ त्रिशक्ति राष्ट्रीय मंच छिंदवाड़ा द्वारा जिले के आंचलिक साहित्यकार परिषद के रचनाकारों का भारत माता दिव्यांग छात्रावास भवन छिन्दवाड़ा में दीवाली मिलन समारोह आयोजित किया गया जिसमें जिले के सुप्रसिद्ध साहित्यकारों को सृजन चेतना अलंकरण सम्मान से विभूषित किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व आकाशवाणी उद्घोषक अवधेश तिवारी, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. अमर सिंह और विशिष्ट अतिथि कथाकार गोवर्धन यादव व अशोक जैन थे ।
त्रिशक्ति राष्ट्रीय मंच की संस्थापिका श्रीमती शरद मिश्रा ने बताया इस समारोह के मुख्य अतिथि श्री तिवारी ने कहा कि शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, स्वास्थ्य, कला, पर्यावरण और समाजसेवा त्रिशक्ति मंच उस नारी शक्ति द्वारा संचालित है, जो अपनी मानव कल्याण विषयक अभावों में मदद को तरसते वंचितों की आवाज बनकर उभर रहा है। सृष्टि में सृजन की पर्याय बनी मातृशक्तियों की राष्ट्रसेवा का यह प्रयास भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। समारोह के अध्यक्ष प्रो. अमर सिंह ने त्रिशक्ति मंच की
समारोह में जिले के नामी-गिरामी रचनाकारों रामलाल सराठे, मोहिता, ओमप्रकाश नयन, के.के.मिश्रा कायर, अनुराधा तिवारी, नंद किशोर नदीम, स्वप्निल जैन, नेमीचंद व्योम, शिवेंद्र कातिल, निर्मला घई, भोले प्रसाद नेमा"चंचल हर्रई, अम्बिका शर्मा सिवनी, इंद्रजीत सिंग ठाकुर, नंद कुमार दीक्षित, सहदेव कोल्हे, अनुसाया कामोने सौंसर, मनीष जैन अमरवाड़ा, लक्ष्मण प्रसाद डेहरिया खामोश, रमाकांत पांडे, अंकुर बाल्मीकि, विकल जौहरपुरी, राजेन्द्र यादव, रमाकांत पांडेय आदि द्वारा अपनी रचनाओं का पाठ किया गया और सभी रचनाकारों को प्रमाणपत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्थापिका श्रीमती शरद मिश्रा ने अपने दिवंगत भाई श्री अजय शर्मा गूंज की संवेदनात्मक रचना "क्या कर लोगे बाबूजी" की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सभी का ध्यान आकर्षित किया । समारोह का संचालन श्रीमती प्रीति जैन शक्रवार ने किया तथा आभार प्रदर्शन मंच की संरक्षिका श्रीमती अनीता तिवारी ने किया। आयोजन में मंच के पदाधिकारी अंजना त्रिपाठी, स्मृति यादव, अरुणा सिंगारे, ज्योति नेमा, वीणा श्रीवास्तव, गीतांजलि गीत आदि शामिल रहीं।

