महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न
छिन्दवाड़ा/ कलेक्टर श्री मनोज पुष्प ने निर्देश दिये कि एकीकृत बाल विकास परियोजना के सभी परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षक नियमित रूप से आंगनवाडी केन्द्रों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी आंगनवाडी केन्द्र निर्धारित समय पर खुलें जिससे बच्चों और महिलाओं को आंगनवाड़ी केन्द्रों से निर्धारित सेवायें मिल सकें । कलेक्टर श्री पुष्प ने ये निर्देश आज मेडीकल कॉलेज के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक में दिये । बैठक में सहायक कलेक्टर सुश्री वैशाली जैन, संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती ज्योति ठाकुर, सहायक संचालक डॉ.मोनिका बिसेन व श्री हेमंत छेकर, एकीकृत बाल विकास परियोजना के सभी परियोजना अधिकारी व पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
कलेक्टर श्री पुष्प ने यह कहा कि जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों के खुले रहने के दौरान निरीक्षण अभियान चलाया जायेगा। एसडीएम और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारी भी आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे । रोस्टर बनाकर अधिकारी वीडियो कॉलिंग द्वारा यह देखेंगे कि आंगनवाड़ी केन्द्र खुली है या नहीं और बच्चे हैं या नहीं । उन्होंने निर्देश दिये कि एकीकृत बाल विकास परियोजना के परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षक आंगनवाड़ी केन्द्रों के भ्रमण के अलावा प्रतिदिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से वीडियो कॉलिंग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने की वास्तविक स्थिति और बच्चों की उपस्थिति की जानकारी प्राप्त कर जिला कार्यालय में प्रतिवेदन देंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान बच्चों का वजन लेने का अभियान भी चलाया जायेगा जिसमें मेम सूची के बच्चों का पुन: वजन किया जायेगा और वजन कम होने की स्थिति में उन्हें सेम सूची में शामिल कर उनका उचित पोषण किया जायेगा जिससे बच्चे कुपोषित न हो सकें । आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों और गर्भवती व धात्री माताओं को मिलने वाली सुविधाओं, टीकाकरण, पोषण आहार आदि की जानकारी भी प्राप्त की जायेगी और यह प्रयास किया जायेगा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों से बच्चों और गर्भवती व धात्री माताओं को बेहतर सेवायें मिल सकें । उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा रजिस्टर में दर्ज की गई जानकारी का अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जायेगा और क्रॉस चेकिंग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों से वास्तविक जानकारी प्राप्त की जायेगी। उन्होंने कहा कि 15 दिनों के बाद पुन: समीक्षा बैठक लेकर आज दिये गये निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में मैदानी स्तर पर की गई कार्यवाही की समीक्षा की जायेगी और आंगनवाड़ी केन्द्रों से मिलने वाली सेवाओं को बेहतर ढंग से क्रियान्वित किया जायेगा। उन्होंने निर्देश दिये कि लाडली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत ई-केवायसी और डीबीटी का कार्य मिशन मोड में लेकर करें जिससे हितग्राही लाभान्वित हो सकें । बैठक के प्रारंभ में सहायक कलेक्टर सुश्री जैन ने लाडली लक्ष्मी योजना, मेम-सेम, समेकित बाल संरक्षण योजना, लाडली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत ई-केवायसी और डीबीटी, अपूर्ण व अप्रारंभ आंगनवाड़ी केन्द्र भवन, सीएम हेल्पलाईन और अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की।

