देश में बढ़ रही है कोरोना की रफ्तार डरने का नहीं,,
वर्तमान समय पर टी व्ही चैनलो के माध्यम से जानकारी प्राप्त हो रही है कि देश में 2023 में कोरोना फिर से अपने पांव पसार रहा है। नए वेरिएंट के कोरोना से ग्रसित 450 से अधिक मरीज देश में पाए गए हैं और कुछ मोते भी दर्ज की गई है। सन 2021 में इसी कोरोना ने देश में बहुत खतरनाक भयाभय स्थिति निर्मित कि थी। जिसमें बहुत से देशवासियों ने इस बीमारी से ग्रसित होकर अपने प्राण गांवाए थे।
जिला छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया जो कि जिले में निरंतर विगत 13 वर्षों से समाज सेवा, मानव सेवा, गौ सेवा, बेटी बचाओ एवं पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में राष्ट्र हित समाजहित उत्कर्ष कार्यों को नि:स्वार्थ भावना से नर सेवा श्री नारायण सेवा की तर्ज पर कर रहे हैं। इन्होंने वर्ष 2021 में भी कोरोनावायरस से लड़ने हेतु अपनी घरेलू थेरेपी को बनाया था। इस थेरेपी को इन्होंने दो माह निरंतर 24 सो घंटे नि:शुल्क मानव समाज हित में देश से कोरोना ग्रसित गंभीर मरीजों को फोन के माध्यम से दिया और उन्हें स्वस्थ किया था। समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने बताया की 1080 की संख्या के गंभीर ऐसे मरीज जिनका सैचुरेलेशन 50 से कम और सिटी स्कोर रिपोर्ट 22 तक आ गई थी ऐसे भी गंभीर मरीजों को अपनी घरेलू थेरेपी देकर के मेने स्वस्थ किया है। इस घरेलू थेरेपी का वीडियो बनाकर फेसबुक और अन्य मल्टीमीडिया चैनलों पर वायरल किया था, सभी अखबारों में इस घरेलू थेरेपी को प्रकाशित करवाया था। जिसको देखकर थेरेपी को कर के देश से लाखों की संख्या में कोरोना मरीज स्वस्थ हुए थे।
*समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने बताया कि यह थेरेपी आपके रसोई घर में उपलब्ध है, इसके कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है। मुझसे इस थेरेपी को बहुत से डॉक्टरो ने भी लेकर के किया और वह भी स्वस्थ हुए है। आईए हम आपको इस छोटी सी घरेलू थेरेपी के विषय में जानकारी दें। जिसका प्रयोग करके आप कोरोना से निजाद पा सकते हैं। इस थेरेपी को करने के लिए आपको एक नींबू, एक चाकू, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच सफेद नमक पावडर, दो गिलास गर्म पानी, एक खाली छोटी कटोरी लेकर के बाथरूम में या वॉश बेसिन में इस घरेलू थेरेपी को करना है। सर्वप्रथम आप नींबू को दो भाग में काट ले उसके बीजों को अलग कर दें, नींबू का एक कटा हुआ टुकड़ा लेकर के अपने सर को ऊपर की ओर करें और अपनी नाक के दोनो छेदो में दो-दो बूंद नींबू रस को डालें। उसके बाद उस रस को नाक से गहरी सांस लेते हुए उस नींबू रस को अंदर खींच ले, नींबू रस नाक से अंदर जाते ही आपको मुंह में कफ आएगा जिसको थूक दे, उसको निगलना नहीं, 1 मिनट तक दम लगाकर नाक से गहरी गहरी सांस अंदर की ओर खींचते रहे और जितना भी कफ आए उसको थूक दे। इसके बाद बचा हुआ नींबू को कटोरी में निचोड़ कर पूरा रस निकाल ले, उसमें आधा छोटा चम्मच हल्दी का पाउडर,आधा छोटा चम्मच नमक नींबू रस में मिलाकर के उस पूरे रस को मुंह में ले और ऊपर मुंडी करके 1 मिनट तक लगातार गरारा करें गरारा करने के बाद उसे थूक दे उस वक्त में भी आपके मुंह में कफ आएगा उसको थूक दे निगलना नहीं। इसके बाद दो गिलास गर्म पानी लगातार मुंह में डालकर के ऊपर मुंडी करके गरारा कर कर करके थूक दे। यह थेरेपी दिन में एक बार केवल आपको दो या तीन दिन करनी है। इसके बाद आपको अपने शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए, हरिरा या काढ़ा का सेवन करें।*
मेडिकल ऑफ साइंस आयुर्वेद को नहीं मानता है। किंतु इस बीमारी का उपचार मेडिकल ऑफ साइंस में भी उपलब्ध नहीं है, जिसका नतीजा देश व विदेश में वर्ष 2021 में कोरोना से ग्रसित गंभीर मरीजों की मौतो की संख्या को प्रमाणित करता है। सन 2021 में कोरोना से गंभीर पीड़ित मरीज इलाज के लिए लाखों करोड़ों रुपया मिटाने के उपरांत भी परलोक सिधार गए थे। आयुर्वेद का वृतांत हजारों वर्ष पूर्व पुराना है। भगवान श्री राम के वक्त सुसेन वैद्य ने ही लक्ष्मण जी के प्राण संजीवनी बूटी से बचाया था। आयुर्वेद में वह शक्ति है जो बड़े से बड़े रोग को जड़ से समाप्त कर सकती है।

