-अघोषित कटौती बंद करने कांग्रेस बिजली समस्या निवारण प्रकोष्ठ ने की मांग
छिन्दवाड़ा:- जिले में विद्युत वितरण कम्पनी की मनमानी व लूट से विद्युत उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्यप्त है। कम्पनी के द्वारा मानसून पूर्व मेंटेनेंस ना कर भारी बारिश में मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपये खर्च किये फिर भी बिजली की समस्या जस की तस बनी हुई है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों में अघोषित कटौती से हाहाकार मचा हुआ है।
जिला कांग्रेस बिजली समस्या निवारण प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश उपाध्याय ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि शहर में दिन व रात में घंटों बिजली गुल हो रही है, जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी शिकायत करने पर फोन नहीं उठाते। विद्युत विभाग का शिकायत हेल्प लाइन नंबर शोभा की सुपारी बन गया है। पर्याप्त बिजली सप्लाई नहीं होने के बावजूद भी विभाग से पूरा बिल वसूला जा रहा है। भाजपा की प्रदेश सरकार विभाग के माध्यम से जनता की जेब खाली करने में जुटी हुई है। वर्षाकाल में विद्युत खपत कम होने बाद भी बिजली कटौती होना शर्मनाक है। आम जनता से बिजली बिल वसूली में भारी कड़ाई की जाती है जबकि उसी अनुपात में बिजली प्रदाय करने में विभाग नाकाम है। विद्युत वितरण कंपनी को जनता का उत्पीड़न तत्काल बंद करना चाहिए एवं स्मार्ट मीटर के जरिये उपभोक्ताओं को बेहिसाब बिजली बिलों से राहत प्रदान करना चाहिए।
श्री उपाध्याय ने आगे कहा कि वितरण कंपनी के द्वारा फर्जी मेंटेनेंस किया जाता है जिस पर जनता से बिलों के माध्यम से उगाही कर लाखों खर्च किये जाते हैं हकीकत जबकि इससे परे है अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के पोल गिर रहे। बिजली के तार पेड़ों व लोगों के घरों पर लटक रहे। करंट की चपेट में आने से मानव व मेशियों की मौत हो रही। बिजली के उपकरण खुले पड़े हैं ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर बदलने के लिए ग्रामीणों से अवैध वूसली की जाती है। विभाग की मनमानी व लूट पर अंकुश न होने से अधिकारी व कर्मचारी बेलगाम हो चुके। लापरवाह व गैर जिम्मेदाराना विभागीय कर्मचारियों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होना चाहिए एवं जिला कांग्रेस बिजली समस्या निवारण प्रकोष्ठ ने मांग की कि अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद की जाये।

