बारिश मे मध्य प्रदेश के स्कूल प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते शासकीय प्राथमिक शाला के भवन के कमरों में पानी टपक रहा है। कहीं छात्र कमरे में छाता लगाकर बैठे हैं तो कहीं पन्नी लगाकर अपने आप को बचा रहे हैं। हाल तो ये है कि पहली कक्षा से लेकर पांचवी तक के छात्र एक ही क्लास में बैठकर पढ़ रहे हैं स्कूलों को सुधारने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। इसके बावजूद स्कूलों की दशा सुधर नहीं रही है। कहीं स्कूल के भवन जर्जर हैं तो कहीं के स्कूल में पानी भरा हुआ है। वहीं छिंदवाड़ा जिले के ग्राम पंचायत पुरैना खालसा स्थित यह शासकीय प्राथमिक शाला लगभग 15 साल पुराना है। इस जर्जर भवन की छत टपक रही है और एक आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1ग्राम आरोग्य केंद्र ग्राम पंचायत पुरैना खालसा भी है जो की बहुत ज्यादा डिस्मेंटल है कई बार प्रशासन को जानकरी देने के बाद भी इस और कोई अधिकारी का ध्यान नहीं है छोटे-छोटे बच्चे एक ही क्लास में पानी मे बैठने मे लगाकर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि इस स्कूल के भवन के सभी कमरों में पानी टपकता है। जिस कमरे में बच्चे बैठे हैं उस कमरे में कम पानी टपकटा है, जिससे एक क्लास से 5वीं क्लास तक के छात्र एक ही कमरे में बैठकर पढ़ते हैं। स्कूल के प्रिंसिपल ने छत से पानी टपकने को लेकर कहा की कब तक बच्चो को ऐसे ही पानी मे बैठाया जायेगा शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को की है, लेकिन छत के मरम्मत कार्य कराने की बजाय उन्हें वरिष्ठ अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं

