हत्या के प्रयास का खुलासा: आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की सराहनीय भूमिका

हत्या के प्रयास का खुलासा: आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की सराहनीय भूमिका
चांदामेटा, छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)
दिनांक: 17 जनवरी 2025

चांदामेटा थाना क्षेत्र में घटित हत्या के प्रयास की घटना में पुलिस ने प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना 10 नवंबर 2024 की रात बस स्टैंड चांदामेटा में घटित हुई थी, जब प्रिंस पिता संतोष बुनकर (उम्र 23 वर्ष) और फरियादी अनुराग पिता विजय सिंह (उम्र 28 वर्ष) पर जानलेवा हमला किया गया था।

घटना का विवरण:

फरियादी अनुराग ने 11 नवंबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी अमान सिद्दीकी उर्फ डिग्गी और उसके अन्य साथियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से प्रिंस बुनकर पर हमला किया। बीच-बचाव करने पर फरियादी अनुराग पर भी हमला किया गया। दोनों घायलों को शासकीय अस्पताल परासिया में भर्ती कराया गया।

थाना चांदामेटा में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 256/2024 धारा 109, 296, 115(2), 3(5) BNS, 3(1)(द), (घ), 3(2)(va) SC/ST एक्ट और 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।

आरोपी गिरफ्तार:

पुलिस ने घटना के मुख्य साजिशकर्ता कंवलजीत सिंह उर्फ रवि सरदार (उम्र 32, निवासी सिंहवाहिनी चौक, चांदामेटा) को 16 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे जिला जेल छिंदवाड़ा भेजा गया।

इससे पहले, घटना के अन्य आरोपियों अमान सिद्दीकी, अमन कनोजिया, आशीष यादव, फरहान अहमद, मेहुल सिंधिया और मोहम्मद शबान अब्बासी को भी 14 नवंबर 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

घटना के पीछे की साजिश:

जांच के दौरान यह सामने आया कि करीब एक साल पहले प्रिंस बुनकर और कंवलजीत सिंह के भाई के बीच विवाद हुआ था, जिसमें प्रिंस ने कंवलजीत के भाई पर हमला किया था। इसी रंजिश के चलते कंवलजीत सिंह ने अमान सिद्दीकी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

पुलिस की सराहनीय भूमिका:

घटना का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) परासिया जितेंद्र सिंह जाट, थाना प्रभारी अरुण मर्सकोले, चौकी प्रभारी बड़कुही अक्रजय धुर्वे और टीम के अन्य सदस्यों - प्रधान आरक्षक भदैय मरावी, आरक्षक अशोक गोनगे और प्रदीप बघेल का योगदान सराहनीय रहा।

पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा श्री अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह ने भी टीम को दिशा-निर्देश देकर इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।

चांदामेटा पुलिस का यह कार्य अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम है।


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