जनगणना 2027: पीजी कॉलेज में प्रगणकों-पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण संपन्न, 1 मई से घर-घर सर्वे शुरू



सच की आंखें छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की शुरुआत के साथ ही तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में छिंदवाड़ा के शासकीय पीजी कॉलेज में प्रगणकों (Enumerators) एवं पर्यवेक्षकों (Supervisors) के लिए तीन-तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जो शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य नगर जनगणना अधिकारी एवं नगर निगम आयुक्त सी.पी. राय के निर्देशानुसार नगर जनगणना अधिकारी कमलेश निर्गुंडकर, जिला जनगणना प्रभारी अनुज सोलंकी तथा फील्ड ट्रेनर्स द्वारा प्रतिभागियों को मार्गदर्शन और निरीक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को घर-घर जाकर मकान सूचीकरण की प्रक्रिया, भवन, परिवार एवं जनगणना मकान की परिभाषाएं, साथ ही जनगणना अधिनियम एवं नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा डेटा संग्रहण की विधि, तकनीकी पहलुओं और आधुनिक डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर भी विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया।

इस दौरान नगर निगम उपायुक्त आर. एस. बाथम, सहायक आयुक्त मीना कोरी, सहायक यंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी ब्रजेश पांडेय, संतोष सोलंकी एवं राजेंद्र सोनी सहित नगर निगम के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

जनगणना 2027 के प्रथम चरण में स्व-गणना (Self Enumeration) 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक की जा रही है, जबकि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इस बार जनगणना में डिजिटल-प्रथम दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसके तहत नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी गई है। सफल पंजीयन के बाद उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या (SEID) प्रदान की जाएगी।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे 30 अप्रैल तक पोर्टल पर जाकर स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी करें। इसके बाद 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

अभियान का मुख्य संदेश— “चलो निभाएं अपनी जिम्मेदारी, करें जनगणना में भागीदारी”— लोगों को सक्रिय सहयोग के लिए प्रेरित कर रहा है। नगर पालिक निगम द्वारा जागरूकता के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है तथा नागरिकों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि सटीक और पूर्ण जानकारी से सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। साथ ही “हमारी जनगणना – हमारा विकास” के उद्देश्य को सफल बनाने में नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक 

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