सच की आंखें छिन्दवाड़ा/27 मई 2026/ जिला अस्पताल छिन्दवाड़ा की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने बुधवार को जिला चिकित्सालय और छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सिम्स) के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक पुनः आयोजित की । बैठक का आयोजन कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में किया गया था। बैठक में गत बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्यवाही और पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गये । बैठक में सिम्स के डीन डॉ. अभय कुमार सिन्हा, सीएमएचओ डॉ.नरेश गोन्नाडे, सिविल सर्जन सह जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ.सुशील दुबे, अधीक्षक (सिम्स), आर.एम.ओ डॉ.हर्षवर्धन कुड़ापे, सहायक प्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में निर्धारित बिंदुओं पर चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए -
1. ओ.पी.डी. रजिस्ट्रेशन : बैठक में कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि ओ.पी.डी. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सामान्य रूप से सुचारू रहनी चाहिए। आमजन को इसमें कोई परेशानी नहीं हो। सभी संबंधित प्रभारी स्वयं इसे चेक करें। द्वितीय पाली में भी ओ.पी.डी. को अनिवार्य रूप से खुला रखा जाए।
2. फायर सेफ्टी : फायर सेफ्टी संबंधी कार्यवाहियों की शीघ्र स्वीकृति के लिए कलेक्टर श्री नारायन के माध्यम से एक उच्च स्तर पर एक अर्ध शासकीय पत्र प्रेषित करने का निर्णय लिया गया।
3. एंबुलेंस निविदा: बैठक में हुए निर्णय अनुसार भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए एंबुलेंस संबंधी निविदा को अभी ओपन रखा जाएगा। एंबुलेंस के लिए ड्राइवरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
4. बायो-मेडिकल वेस्ट : मेडिकल वेस्ट प्रबंधन का भुगतान शासन के माध्यम से या जिला चिकित्सालय के अनुबंध के अनुसार ही करने के संबंध में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया।
5. साफ-सफाई एवं जुर्माना: अस्पताल परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर ₹100 का जुर्माना लगाया जाएगा।
6. 33 के.वी. विद्युत लाइन के लिए अनुमति प्राप्त करने के निर्देश : 33 KV विद्युत लाइन के नीचे से बिजली की अंडरग्राउंड केबल बिछाने के संबंध में नागपुर रेलवे से अनुमति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए ।
7. हॉस्टल की क्षमता का आंकलन करने के निर्देश: हॉस्टल में उपलब्ध कमरों एवं सीनियर रेजीडेंट्स और जूनियर रेजीडेंट्स डॉक्टर्स की संख्या का आंकलन करने के निर्देश दिए गए। यदि हॉस्टल में कमरे खाली हैं, तो वे अस्थायी रूप से तकनीशियनों को दिए जा सकते हैं। यह शर्त स्पष्ट रहेगी कि जब अन्य डॉक्टर आएंगे, तो तकनीशियनों को कमरे खाली करने होंगे।
8. रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था के निर्देश : बैठक में निर्देश दिए गए कि रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी व्यवस्था (15 दिवसीय रोटेशन/ड्यूटी) को सुनिश्चित किया जाए।
9. आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से चार पहिया वाहन प्राप्त करने और वाहनों के संचालन के लिए आवश्यतानुसार ड्राइवर्स की व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
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