पानी दो… वरना कुर्सी छोड़ो!” — जुन्नारदेव में फूटा जनता का गुस्सा, कांग्रेस ने मटके फोड़कर नगर पालिका को घेरा

पानी दो… वरना कुर्सी छोड़ो!” — जुन्नारदेव में फूटा जनता का गुस्सा, कांग्रेस ने मटके फोड़कर नगर पालिका को घेरा
जुन्नारदेव, 25 मई।
भीषण गर्मी, सूखे नल और टूटी सड़कों से परेशान जुन्नारदेव की जनता का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता और महिलाएं भाजपा नीत नगर पालिका परिषद के खिलाफ आक्रोश रैली निकालते हुए नगरपालिका कार्यालय पहुंचीं, जहां माहौल पूरी तरह गर्मा गया।

रैली के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान महिलाओं के विरोध प्रदर्शन ने खींचा। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका परिसर में मटके फोड़कर जल संकट के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया और चूड़ियां फेंकते हुए नगर पालिका अध्यक्ष व सीएमओ के खिलाफ नारे लगाए — “चूड़ी पहनकर बाहर आओ… जनता को पानी दो… सड़क खोदना बंद करो!” कुछ देर के लिए पूरा परिसर नारों से गूंज उठा।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। कई वार्डों में लोगों को महीने में सिर्फ कुछ दिन पानी मिल रहा है, लेकिन बिल पूरे महीने का वसूला जा रहा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार दूषित पानी सप्लाई होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं और शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने नगर में चल रहे पाइपलाइन विस्तार कार्यों को भी मुद्दा बनाया। नेताओं का कहना था कि मुख्य सड़कों को खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे रोज दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। व्यापारियों और आम लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने निर्माण कार्यों में अनियमितता और घटिया सामग्री उपयोग के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

ज्ञापन में कांग्रेस ने डीजल खर्च, टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई और लंबित पेयजल योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि मंडान डेम पेयजल योजना सहित कई परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, जिसका खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।

सिर्फ पानी ही नहीं, कांग्रेस ने नगर की सफाई व्यवस्था, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें, जाम नालियां और बढ़ते मच्छरों को लेकर भी भाजपा परिषद को घेरा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महीनों तक नालियों की सफाई नहीं होती और कई इलाकों में फॉगिंग मशीन तक नहीं पहुंचती, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

आंदोलन के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम मुख्य नगरपालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

इस प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, महिला कांग्रेस कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल रहे। पूरे आंदोलन के दौरान नगर पालिका परिसर राजनीतिक नारों और जनता के आक्रोश से गूंजता रहा।

मनेश पत्रकार आपसे पूछता है…
क्या आपके शहर में भी पानी, सड़क और सफाई जैसी मूलभूत समस्याएं लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रही हैं? आखिर जिम्मेदारी किसकी तय होनी चाहिए?

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