उपलब्धियों पर प्रश्न उठाने वाले पहले देश और जनता के बदलते विश्वास को देखें : लोकेश डेहरियाजनता को भ्रमित करने के बजाय कांग्रेस तथ्य और विकास की राजनीति करे




सच की आंखें छिंदवाड़ा। अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष लोकेश डेहरिया ने कांग्रेस नेता धर्मेंद्र सोनू मागो द्वारा भाजपा और केंद्र सरकार के संबंध में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का स्वागत है, लेकिन आलोचना तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, कल्पनाओं और राजनीतिक निराशा पर नहीं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को यह समझना चाहिए कि जनता अब केवल भाषण नहीं सुनती, बल्कि परिणाम भी देखती है। देश के करोड़ों लोगों के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन आया है, वह किसी प्रचार का परिणाम नहीं बल्कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है।

श्री डेहरिया ने कहा कि यदि कोई सरकार गरीब के घर तक गैस पहुंचाती है, किसान के खाते में सम्मान निधि पहुंचाती है, करोड़ों परिवारों को आवास उपलब्ध कराती है, महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने के लिए योजनाएं बनाती है तथा समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करती है, तो उसे केवल राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार बेरोजगारी, महंगाई और विकास के मुद्दों पर प्रश्न उठाती है, लेकिन यह भी बताना चाहिए कि दशकों तक सत्ता में रहने के दौरान उसने इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए क्या किया। केवल आरोप लगाना आसान है, लेकिन देश और समाज को आगे बढ़ाने के लिए दूरदृष्टि, नीयत और परिश्रम की आवश्यकता होती है।

श्री डेहरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक मंच पर पहले से अधिक सशक्त होकर उभरा है। देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, आधारभूत संरचना का विस्तार हुआ है और गरीब कल्याण को शासन की प्राथमिकता बनाया गया है। अनुसूचित जाति समाज सहित समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के बीच उपलब्धियों के साथ इसलिए जाती है क्योंकि उसके पास बताने के लिए काम हैं। कांग्रेस को यदि जनता के बीच जाना है तो वह भी अपने कार्यों और दृष्टिकोण के आधार पर जाए, न कि निराधार आरोपों और नकारात्मक राजनीति के सहारे।

श्री डेहरिया ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। जनता सत्य को पहचानती है और वही अंतिम निर्णायक है और जनता भाजपा की विकासवादी नीति के साथ है।

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