मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाचरौद के श्री निजानंद धाम आश्रम में पूजा-अर्चना कर संतों का लिया आशीर्वाद
श्री श्री 1008 सचिदानंद महाराज की पुण्यतिथि पर अर्पित की पुष्पांजलि
भोपाल/छिन्दवाड़ा । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर खाचरौद के ग्राम चिरोला फंटा स्थित संत श्री निजानंद धाम आश्रम पहुंचे। उन्होंने आश्रम में पूजा-अर्चना कर श्री श्री 1008 सचिदानंद महाराज की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक एवं षोडशोपचार पूजन किया। इसके बाद संत श्री निजानंद जी महाराज की गादी पर पूजा-अर्चना कर आरती की। उन्होंने आश्रम में उपस्थित संतों का वंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रसादी ग्रहण की।
इस अवसर पर श्री निजानंद धाम सेवा समिति द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत एवं सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने श्री सचिदानंद महाराज के शिष्य श्री विवेक महाराज से भी मुलाकात की।
संतों के आशीर्वाद से सद्कार्य की मिलती है प्रेरणा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संत श्री निजानंद आश्रम में आकर दर्शन और पूजा करने का अवसर मिला। यह स्थान देश, प्रदेश और मालवा की सनातन संस्कृति की महान संत परंपरा की अलौकिक आभा से परिचित कराता है। ऐसे संतों के आशीर्वाद से हम सभी को सद्कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि श्री निजानंद जी महाराज के पश्चात स्वामी सचिदानंद जी महाराज ने इस स्थान को चेतना प्रदान करते हुए पूरे क्षेत्र को चैतन्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी अपने कार्यों के साथ संतों की मूल भावना ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ को आत्मसात करें और सभी के कल्याण की कामना करें।
इस अवसर पर नागदा-खाचरौद क्षेत्र के विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, श्री राजेश धाकड़, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, श्री नरेश शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
हेलीपेड पर बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुक्रवार को खाचरौद हेलीपेड पहुंचे। यहां नागदा निवासी श्रीमती माया तितलिया एवं श्रीमती मनीषा अखिलेश शर्मा ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से बहनों का मुंह मीठा कराया और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
