छिंदवाड़ा। अपनी अनूठी कला, भव्य प्रस्तुति और समृद्ध परंपरा के लिए देशभर में पहचान रखने वाली श्रीरामलीला मंडल, छिंदवाड़ा की रामलीला केवल आस्था और भक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि भगवान श्रीराम की लीलाओं के माध्यम से समाज को जीवन के आदर्शों और सकारात्मक संदेशों से भी जोड़ती है।
श्रीरामलीला मंडल के 138वें वर्ष के भव्य मंचन की तैयारियों को लेकर स्थानीय छोटी बाजार स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में कलाकारों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मंडल अध्यक्ष श्री अरविंद राजपूत के निर्देशानुसार आयोजित बैठक का शुभारंभ परंपरागत रूप से महासंत श्री चौबे बाबा के पूजन, भगवान श्रीराम एवं श्री हनुमान जी महाराज के चरण वंदन तथा रामलीला मंच के पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य निर्देशक श्री श्रांत चंदेल की अध्यक्षता में बैठक की कार्यवाही शुरू हुई।
मंडल के प्रवक्ता ऋषभ स्थापक ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से इस वर्ष रामलीला के पूर्वाभ्यास की शुरुआत 1 सितंबर से करने का निर्णय लिया गया। पूर्वाभ्यास प्रतिदिन रात्रि 9 से 11 बजे तक श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित होगा।
बैठक में इस वर्ष के मंचन में नवीन प्रसंगों को शामिल करने तथा प्रस्तुति को और अधिक आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। कलाकारों ने सहमति व्यक्त की कि मंचन में संख्या की अपेक्षा गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि दर्शकों को उच्चस्तरीय, जीवंत और प्रभावकारी रामलीला देखने को मिले।
इस अवसर पर मुख्य निर्देशक श्री श्रांत चंदेल ने आगामी रामलीला मंचन के लिए अपने प्रथम सह-निर्देशक के रूप में श्री मिंटू सराठे के नाम की घोषणा की।
बैठक में मंडल के संरक्षक सतीश दुबे 'लाला', वरिष्ठ कलाकार विजय आनंद दुबे, पूर्व मुख्य निर्देशक पंडित वीरेंद्र शुक्ल, राहुल पिंटू द्विवेदी, राजू माहोरे, नरेंद्र चंदेल, जितेंद्र सोनी, शशांक दुबे, प्रवक्ता ऋषभ स्थापक, उत्तम सोनी, संतोष नामदेव सहित मंडल के अन्य कलाकार एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
