भोपाल/छिंदवाड़ा, 18 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, नर्मदा संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के आगामी वर्षों में निरंतर संचालन के लिए लगभग 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में प्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन (नमन मिशन)’ के गठन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही महिला कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान से संबंधित योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए गए।
‘नमन मिशन’ के गठन को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ के गठन को स्वीकृति दी। मिशन को मध्यप्रदेश सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत किया जाएगा।
मिशन में नदी विज्ञान, जल विज्ञान, पर्यावरण, जैव विविधता एवं सामुदायिक प्रबंधन जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री मिशन की साधारण सभा के अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य सचिव प्रशासनिक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष होंगे।
नर्मदा संरक्षण एवं विकास कार्यों के लिए ‘निर्मल एवं अविरल नर्मदा मिशन निधि’ के अंतर्गत राज्य अनुदान से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये तथा वन विभाग की कैम्पा निधि से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। मिशन में सीएसआर, केंद्रीय सहायता और पीपीपी मॉडल के माध्यम से भी संसाधन जुटाए जाएंगे।
मिशन की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, जीआईएस, रिमोट सेंसिंग एवं जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर नर्मदा नदी के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा।
लाड़ली बहना योजना के लिए 1,14,365 करोड़ रुपये
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। वर्तमान में लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं योजना से लाभान्वित हो रही हैं।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये
मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योजना का उद्देश्य बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, लिंगानुपात में सुधार, बालिकाओं की शिक्षा एवं स्वास्थ्य को बढ़ावा देना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला तैयार करना है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को 2,137.65 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए 2,137.65 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत पात्र महिलाओं को गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान निर्धारित शर्तों की पूर्ति पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म को भी योजना के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 11,835.35 करोड़ रुपये
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 11,835.35 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें उप स्वास्थ्य केंद्र योजना के लिए 4,742.45 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 518.93 करोड़ रुपये, अस्पताल एवं औषधालय भवन निर्माण के लिए 3,219.22 करोड़ रुपये तथा आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए 3,354.75 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इन स्वीकृतियों से स्वास्थ्य अधोसंरचना, चिकित्सा उपकरण, अस्पताल भवनों तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए 870.16 करोड़ रुपये
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के निरंतर संचालन के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर की स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए 310.23 करोड़ रुपये, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर की ब्लॉक ग्रांट योजना के लिए 469.93 करोड़ रुपये तथा कृषि क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के लिए 90 करोड़ रुपये शामिल हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए 734 करोड़ रुपये
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं वैज्ञानिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक विभिन्न योजनाओं के निरंतर संचालन हेतु 734 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इसमें अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए 201.28 करोड़ रुपये, निर्देशन एवं प्रशासन के लिए 119.04 करोड़ रुपये, विज्ञान के लोकव्यापीकरण एवं प्रसार के लिए 172.52 करोड़ रुपये तथा मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए 241.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम, मोबाइल विज्ञान प्रयोगशालाएं, विज्ञान शिक्षा एवं नवाचार कार्यशालाएं तथा विज्ञान मंथन यात्राएं आयोजित की जाएंगी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, राष्ट्रीय गणित दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस, संभाग स्तरीय विज्ञान मेले, ‘साइंस ऑन व्हील’ और क्रिएटिविटी लर्निंग सेंटर के माध्यम से भी विभिन्न गतिविधियां संचालित होंगी।
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पद
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की पदीय संरचना में पूर्व स्वीकृत 288 पदों के अतिरिक्त 35 नवीन पदों के सृजन को मंजूरी दी है। साथ ही पूर्व से स्वीकृत 7 पदों की निरंतरता आगामी पांच वर्षों अर्थात 18 सितंबर 2031 तक बनाए रखने की स्वीकृति दी गई है। इससे निगम पर लगभग 4.12 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार आएगा, जिसकी पूर्ति निगम अपने स्रोतों से करेगा।
मंत्रि-परिषद के इन निर्णयों से प्रदेश में महिला एवं बालिका कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि विकास, नर्मदा संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और बुनियादी ढांचे को आगामी वर्षों में और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
