छिंदवाड़ा/ रक्षाबंधन पर्व के दौरान आमजन को सुरक्षित एवं मिलावट रहित खाद्य पदार्थ और मिठाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिलेभर में सघन निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। विभाग की चार टीमें सभी तहसीलों में खाद्य पदार्थों की जांच, निरीक्षण और नमूना लेने की कार्रवाई कर रही हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध एवं दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों पर निगरानी और अधिक बढ़ा दी है। विभाग द्वारा पिछले एक माह से जिले के प्रमुख पनीर उत्पादकों, दुग्ध विक्रेताओं, मावा निर्माताओं सहित अन्य खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य जिलों से छिंदवाड़ा जिले में आने वाले खाद्य पदार्थों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की चार टीमों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री गोपेश मिश्रा, श्री रूपराम सनोडिया, श्री पंकज कुमार घाघरे एवं श्रीमती संध्या मार्को द्वारा छिंदवाड़ा मुख्यालय सहित परासिया, मोहखेड़, बिछुआ, तामिया, जुन्नारदेव, पांढुर्णा, सौंसर, चौरई और उमरेठ आदि क्षेत्रों में कार्रवाई की गई।
पिछले एक माह के दौरान दूध एवं दूध से बने खाद्य पदार्थों सहित त्योहारों में उपयोग होने वाले अन्य खाद्य पदार्थों के 200 से अधिक नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। इसके अलावा 108 किलोग्राम संदिग्ध गोवर्धन घी भी जब्त किया गया है। सभी नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ एवं मिठाइयां खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और पैकेजिंग की जांच करें तथा संदिग्ध या मिलावटी खाद्य पदार्थ की जानकारी विभाग को दें।
