छिंदवाड़ा/16 अगस्त 2026। संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर उनके समता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय एवं मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से छिंदवाड़ा जिले में ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अभियान के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
20 अगस्त को होगा कलश वंदन एवं सम्मान समारोह
शासन के निर्देशानुसार 18 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे रविंद्र भवन, भोपाल में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए पावन कलश रवाना किए जाएंगे। संबंधित जिलों द्वारा इन कलशों को सम्मानपूर्वक जिला मुख्यालय तक लाने की व्यवस्था की जाएगी।
इसके बाद 20 अगस्त 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर कलश वंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित होंगे। पावन कलश को कलश रथ के माध्यम से स्थानीय रविदास मंदिरों एवं ग्राम स्तर तक ले जाया जाएगा। यात्रा के मार्ग, पड़ाव, समय-सारणी और स्थानीय कार्यक्रमों की कार्ययोजना जिला स्तर पर तैयार की जाएगी।
10 सितंबर तक निकलेगी कलश रथ यात्रा
प्रदेश के प्रत्येक जिले में 20 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक निर्धारित मार्गों पर कलश रथ यात्राएं आयोजित की जाएंगी। यात्रा के दौरान सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन संध्या, समरसता संकल्प सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इनमें स्थानीय संतों, गुरुओं, सामाजिक प्रतिनिधियों और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
18 से 31 अगस्त तक संत संपर्क कार्यक्रम
अभियान के तहत 18 से 31 अगस्त 2026 तक संत संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से संतों एवं गुरुओं को अभियान के उद्देश्यों और कार्यक्रमों की जानकारी देकर सामाजिक समरसता से जुड़े आयोजनों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक निकलेगी समरसता यात्रा
शासन के निर्देशानुसार 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा आयोजित की जाएगी। डेरा सचखंड बल्लन, जालंधर से प्रारंभ होने वाली यह यात्रा मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों से होकर गुजरेगी। यात्रा के प्रमुख पड़ावों पर भव्य स्वागत, समरसता संकल्प, समरसता गोष्ठी तथा समता, सेवा, सामाजिक न्याय एवं बेगमपुरा के आदर्श समाज की भावना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कलेक्टर होंगे जिला स्तरीय समन्वयक
अभियान के जिला स्तरीय समन्वयक कलेक्टर होंगे। कलेक्टर संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों एवं अन्य संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों के सुचारु आयोजन के लिए कार्ययोजना तैयार करेंगे। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय संतों एवं गुरुओं, सामाजिक-धार्मिक संगठनों, समाजसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनुसूचित जाति कल्याण विभाग नोडल एवं समन्वय विभाग रहेगा। जनजातीय जिलों में जनजातीय कार्य विभाग की भूमिका रहेगी। नगरीय क्षेत्रों में नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे।
व्यवस्थाओं एवं प्रचार-प्रसार पर रहेगा विशेष जोर
यात्रा एवं कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सहायता, अग्निशमन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों के समन्वय से सुनिश्चित की जाएंगी। जन अभियान परिषद द्वारा जन-जागरूकता एवं जनभागीदारी बढ़ाने के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जबकि संस्कृति विभाग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समन्वय करेगा।
जनसंपर्क विभाग द्वारा मीडिया संवाद, प्रेस वार्ता, सोशल मीडिया एवं अन्य प्रचार माध्यमों से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। अभियान की प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को भेजी जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा शासन के निर्देशों के अनुरूप अभियान के सभी कार्यक्रमों को गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित एवं व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने की तैयारियां की जा रही हैं।
