छिंदवाड़ा/16 अगस्त 2026। आदिवासी कन्या आश्रम हिंदी माध्यम 110 सीटर (कन्या शिक्षा परिसर, छिंदवाड़ा) की छात्राओं द्वारा 14 अगस्त को चौकी थाना परिसर में उपस्थित होकर श्रीमती रजनी उइके को आश्रम का प्रभार नहीं सौंपे जाने की मांग की गई थी। छात्राओं की मांग एवं स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभाग ने आश्रम का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से श्रीमती सरिता परतेती, अधीक्षक माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर छात्रावास, को सौंप दिया है। इसकी जानकारी आश्रम की समस्त छात्राओं को भी दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त आश्रम में पदस्थ अधीक्षक श्रीमती अनीता दाहिया द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका क्रमांक डब्ल्यू.पी. 24998/2026 प्रस्तुत की गई थी। न्यायालय द्वारा 6 जुलाई 2026 को पारित आदेश में संबंधित के अभ्यावेदन का निराकरण 30 दिवस की समय-सीमा में किए जाने के निर्देश दिए गए थे। न्यायालय के आदेश के पालन में श्रीमती दाहिया के अभ्यावेदन का 12 अगस्त 2026 को निराकरण किया गया तथा उन्हें उनकी मूल पदस्थापना माध्यमिक शाला थोटामाल, विकासखंड बिछुआ के लिए कार्यमुक्त करने संबंधी आदेश जारी किया गया।
इसके बाद आश्रम के प्रभार के संबंध में श्रीमती रजनी उइके, प्राथमिक शिक्षक (उच्च पद प्रभार), जो वर्तमान में आदिवासी बालक आश्रम 120 सीटर छिंदवाड़ा में संलग्न थीं, का संलग्नीकरण समाप्त कर उन्हें उनकी मूल पदस्थ संस्था आदिवासी कन्या आश्रम हिंदी माध्यम 110 सीटर (कन्या शिक्षा परिसर, छिंदवाड़ा) में प्रभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे।
उक्त आदेश के बाद छात्राओं ने चौकी थाना परिसर में उपस्थित होकर श्रीमती रजनी उइके को आश्रम का प्रभार नहीं दिए जाने की मांग रखी। छात्राओं से चर्चा कर उनकी मांग एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा आश्रम का अतिरिक्त प्रभार श्रीमती सरिता परतेती को सौंपने का निर्णय लिया गया।
विवाद के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी
मामले के संबंध में कार्यालयीन पत्र क्रमांक 4384/शिका/जजाकावि/2026, दिनांक 14 अगस्त 2026 के माध्यम से श्रीमती अनीता दाहिया, अधीक्षक, आदिवासी कन्या आश्रम हिंदी माध्यम, छिंदवाड़ा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है।
वहीं, श्रीमती अनीता दाहिया एवं श्रीमती रजनी उइके के बीच संस्था में पूर्व पदस्थापना के दौरान हुए विवाद के संबंध में श्रीमती रजनी उइके को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
इसके अलावा कार्यालयीन आदेश के माध्यम से एक समिति का गठन कर पूरे प्रकरण की जांच करने तथा जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग द्वारा छात्राओं की मांग को ध्यान में रखते हुए आश्रम में व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
