ट्रकों का ‘डाउन मारना’ बना हादसों की वजह, लगातार दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन मौन तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार गंभीर, करीब डेढ़ घंटे तक वाहन में फंसा रहा

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अर्जुन मर्रापे{संवाददाता}

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सच की आंखे परासिया। छिंदा पुल स्थित पुराने घंटाघर के पास सोमवार रात तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से छिंदा निवासी राम गणेश माधुरे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घायल करीब एक से डेढ़ घंटे तक ट्रक के नीचे फंसे रहे। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी और बुलडोजर की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार शिवपुरी की ओर से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक बाइक सवार राम गणेश माधुरे को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद बाइक ट्रक के अगले हिस्से में फंस गई और राम गणेश भी ट्रक के नीचे फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया, लेकिन बाइक और घायल के फंसे होने के कारण उन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में जेसीबी और बुलडोजर की सहायता से घायल को बाहर निकाला गया। इसके बाद 112 वाहन से उन्हें उपचार के लिए छिंदवाड़ा अस्पताल भेजा गया।

*ढलान वाले मार्गों पर तेज रफ्तार भारी वाहन चिंता का कारण*

स्थानीय लोगों के अनुसार शिवपुरी से बीजी साइडिंग परासिया तक कई स्थानों पर ढलान है। इन मार्गों पर भारी वाहनों द्वारा तेज गति से डाउन मारने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद भारी वाहनों की गति और आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भारी वाहनों की नियमित चेकिंग, दुर्घटना संभावित स्थानों पर पुलिस निगरानी बढ़ाने और ढलान वाले क्षेत्रों में गति नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है।

*चेकिंग व्यवस्था पर भी उठे सवाल*

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सामने आई है कि चेकिंग के दौरान कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के फोन आने के कारण कार्रवाई प्रभावित होती है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने इस तरह की चर्चाओं की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण और प्रभावी निगरानी नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर हादसे हो सकते हैं।

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