टीकमगढ़ की पीतल शिल्प कला को मिलेगा प्रोत्साहन
सुशासन सरकार की पहली प्राथमिकता
भोपाल/छिंदवाड़ा, । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि टीकमगढ़ जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महाकाल लोक की तर्ज पर कुंडेश्वर लोक विकसित किया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने टीकमगढ़ की प्रसिद्ध पीतल शिल्प कला और कारीगरों को भी प्रोत्साहित करने की बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को जनविश्वास अभियान के अंतर्गत जिला विकास समिति की बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए जिले के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन की प्राथमिकताओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के विकास के लिए प्रभावशाली नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। जिले की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले उद्योग निवेश वर्ष मनाया गया और वर्तमान में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। सागर में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद अनेक उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में निवेश कर उद्योग स्थापित किए हैं और कई इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि निवाड़ी-टीकमगढ़ के बीच करीब 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से इस्पात उद्योग इकाई प्रारंभ हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल श्रमिक तैयार करने के लिए आईटीआई और कौशल विकास कार्यक्रमों को भी प्रभावी बनाया जाएगा।
पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। निराश्रित बच्चों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का सर्वे कराकर पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन सरकार की पहली प्राथमिकता है। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नल-जल योजना, राशन वितरण सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जिले की प्रभारी मंत्री एवं पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
