अवैध रेत का ढेर बना ग्रामीणों और किसानों के लिए आफत, सिंगोड़ी में स्वतंत्रता दिवस समारोह पर छाया संकट

chif editor MANESH SAHU 9407073701
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सच की आंखे सिंगोड़ी। ग्राम पंचायत सिंगोड़ी के शासकीय परिसर मैदान में महीनों से पड़ा रेत का अंबार अब स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और जनप्रतिनिधियों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। लगभग 4 माह पूर्व खनिज विभाग द्वारा जप्त की गई यह रेत मैदान के बीचों-बीच पड़े होने के कारण रोज़ाना आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है। अब स्थिति यह है कि आगामी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के राष्ट्रीय पर्व पर भी इस रेत के कारण बड़ा व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है।
दैनिक कार्यों में आ रही भारी परेशानी
जिस स्थान पर यह रेत डंप पड़ी है, उसके ठीक बगल में शासकीय राशन दुकान और सेवा सहकारी समिति का कार्यालय स्थित है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों और किसानों की आवाजाही बनी रहती है।
 * खाद उठाने में किसान परेशान: वर्तमान में कृषि सीजन के चलते सेवा सहकारी समिति में किसान खाद लेने पहुंच रहे हैं। मैदान में रेत फैली होने और बड़ा ढेर होने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहनों की आवाजाही ठप पड़ जाती है, जिससे किसानों को खाद अपने गंतव्य तक ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
 * राशन उपभोक्ताओं की आफत: शासकीय राशन दुकान आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और आम नागरिकों को भी इस रेत के ढेर और उड़ती धूल के कारण आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय पर्व 'स्वतंत्रता दिवस' पर मंडराया संकट
हर वर्ष 15 अगस्त को ग्राम पंचायत सिंगोड़ी एवं सेवा सहकारी समिति द्वारा इसी मैदान में भव्य झंडा वंदन (ध्वजारोहण) कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
> बड़ी मुसीबत की आशंका:
> मैदान का एक बड़ा हिस्सा रेत के कब्जे में होने के कारण इस बार 15 अगस्त के अवसर पर ग्रामीणों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों के खड़े होने तक की जगह नहीं बची है। यदि समय रहते इस रेत को नहीं हटाया गया, तो राष्ट्रीय पर्व के गरिमापूर्ण आयोजन में बड़ी अव्यवस्था पैदा हो सकती है।
प्रशासन की अनदेखी से आक्रोश
खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए 4 महीने पहले रेत तो जप्त कर ली, लेकिन इसे ठिकाने लगाने या मैदान से हटवाने की सुध आज तक नहीं ली। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि खनिज विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि 15 अगस्त से पूर्व इस रेत के ढेर को तत्काल मैदान से हटवाया जाए, ताकि राष्ट्रीय पर्व को सम्मानपूर्वक मनाया जा सके और किसानों व ग्रामीणों को दैनिक समस्याओं से मुक्ति मिल सके।

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