वर्ष 2027 होगा युवाओं का वर्ष, युवा ही देश और प्रदेश की विकासधारा को देंगे नई दिशा मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी में मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया संवाद, शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और विकास पर रखे विचार
भोपाल/छिंदवाड़ा, 16 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले उद्यमी और उद्योगपति बनें। इसी उद्देश्य से वर्ष 2027 को प्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय ‘प्रकृति केन्द्रित जीवन : व्यवस्था एवं विकास’ था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, रोजगार, आजीविका, स्वास्थ्य, कौशल विकास एवं युवाओं के कल्याण से जुड़े सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम में पूज्य संत अवधूत श्री दादागुरु भगवान ने भी युवाओं को संबोधित किया।
2027 में युवाओं के लिए होंगे विशेष कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा ही विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करेंगे। प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार के नए अवसर, शासकीय सेवाओं में भर्ती, खेल और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में प्रदेश सरकार के सभी विभाग मिलकर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां संचालित करेंगे। सरकार की कोशिश है कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को अवसर मिले तथा वे आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारी उद्योग, एमएसएमई, लघु एवं कुटीर उद्योग तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। औद्योगिक विकास का सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिले, इसके लिए सरकार आवश्यक सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है।
युवाओं से संवाद कर मिले सवालों के जवाब
युवा संवाद के दौरान छात्र सुजल शुक्ला ने मुख्यमंत्री से पूछा कि चिकित्सा के क्षेत्र में चयन होने के बावजूद उन्होंने राजनीति एवं सार्वजनिक जीवन को क्यों चुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ राष्ट्रसेवा और समाजसेवा की प्रेरणा ने उन्हें सार्वजनिक जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
छात्र अमन राय ने ‘युवा वर्ष-2027’ को लेकर सरकार की कार्ययोजना पर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में है और युवाओं में देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की अपार क्षमता है। सरकार चाहती है कि युवा बड़े सपने देखें, लक्ष्य तय करें और उसे पूरा करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ प्रयास करें।
छात्रा तन्वी योगी ने मुख्यमंत्री से पढ़ाई और सार्वजनिक जीवन के बीच संतुलन को लेकर सवाल किया। जवाब में डॉ. यादव ने कहा कि समय का बेहतर प्रबंधन कर पढ़ाई के साथ अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से निरंतर अध्ययन और स्वाध्याय करते रहने तथा पुस्तकों को अपना साथी बनाने का आह्वान किया।
वहीं मानसरोवर डेंटल कॉलेज के डॉ. जयेश ने औद्योगिक विकास से युवाओं को मिलने वाले रोजगार के अवसरों को लेकर प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। भारी उद्योगों के साथ एमएसएमई, लघु एवं कुटीर उद्योग और श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
युवाओं के साथ महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ महिलाओं को भी मिले, इस दिशा में सरकार विशेष प्रयास कर रही है। रेडीमेड गारमेंट जैसे श्रम आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देकर महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों का लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलेगा। हमारा अंतिम लक्ष्य युवाओं को केवल रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला बनाना है।
‘विकास के साथ प्रकृति का भी ध्यान रखना होगा’
पूज्य संत अवधूत श्री दादागुरु भगवान ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु विचार और दृष्टि प्रदान करता है। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, क्योंकि भारतीय संस्कृति ने विश्व को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘जियो और जीने दो’ की दृष्टि दी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का है, लेकिन युवाओं को नेचर इंटेलिजेंस यानी प्राकृतिक बुद्धिमत्ता से भी जोड़ना होगा। विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यह समय केवल उदाहरण देने का नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण बनने का है।
कार्यक्रम में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डेहरिया, मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रवीण शर्मा, नर्मदा मिशन से जुड़ी सुश्री प्रिया भावे चित्तावर, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी की ऑनर श्रीमती मंजुला तिवारी, कुलगुरु श्री ए.एस. यादव, युवा प्रतिनिधि सुश्री योगिता राय, सीईडी श्री पंकज श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पूज्य संत अवधूत श्री दादागुरु भगवान एवं मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी की ओर से वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित किए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री को तुलसी का पौधा, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर अभिनंदन भी किया गया।
