स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

chif editor MANESH SAHU 9407073701
By -
0
स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिला विकास सलाहकार समिति स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की प्राथमिकताएं तय करने में निभाएगी महत्वपूर्ण भूमिका
भोपाल/छिंदवाड़ा/. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्योग, व्यापार, कृषि, पशुपालन सहित सभी क्षेत्रों में स्थानीय संभावनाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए। जिले के पारंपरिक कौशल एवं स्थानीय उत्पादों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के सिद्धांत के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ठोस रोडमैप तैयार किया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले की स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों, पारंपरिक कौशल, नवाचारों तथा जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों के सुझावों को विकास कार्ययोजना में शामिल किया जाए। स्थानीय संभावनाओं को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसरों में परिवर्तित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।

उन्होंने नवीन उद्योग नीतियों एवं ऋण आधारित योजनाओं का लाभ लेने के लिए इच्छुक उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर किए जा रहे सफल प्रयासों और नवाचारों को चिन्हित कर उन्हें योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए, ताकि जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। पीतल की मूर्तियों सहित स्थानीय कला, शिल्प और पारंपरिक हुनर को प्रोत्साहित करने, उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय प्रतिभाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

पशुपालन को लाभ का व्यवसाय बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों एवं गोपालकों को सहकारी क्षेत्र से जोड़ने तथा गौशालाओं में अच्छी नस्ल के पशुओं के संवर्धन एवं नस्ल सुधार के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अच्छी नस्ल की बछियों की उपलब्धता बढ़ने से गोपालकों को आर्थिक लाभ मिलेगा और कृषि के साथ पशुपालन भी आय का बेहतर माध्यम बन सकेगा।

धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा

बैठक में टीकमगढ़ जिले की धार्मिक एवं पर्यटन संभावनाओं के विकास पर भी चर्चा हुई। कुंडेश्वर धाम के विकास एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को आर्थिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया गया।

स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तय होंगी विकास प्राथमिकताएं

टीकमगढ़ जिला विकास सलाहकार समिति द्वारा उद्योग, व्यापार, कृषि, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, खनिज, पर्यावरण, रोजगार सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले की दीर्घकालीन विकास कार्ययोजना के संबंध में सुझाव दिए जाएंगे। समिति स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं के आधार पर विकास की प्राथमिकताएं निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास केवल बड़े और वृहद कार्यों तक सीमित नहीं है। जनभागीदारी, सामुदायिक भावना तथा स्थानीय ज्ञान एवं अनुभव के प्रभावी उपयोग से भी विकास को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने समाज के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने, सामुदायिक विवाहों को प्रोत्साहित करने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को आपसी सौहार्द के साथ मनाने का आह्वान किया।

बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने जिले के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए। जिला प्रशासन द्वारा समिति से प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं को विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यों में शामिल करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित यह बैठक जिले के विकास को स्थानीय आवश्यकताओं, जनभावनाओं, उपलब्ध संसाधनों और नवाचारों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)
400/related/default