पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधिकरण, उद्यानिकी और पशुपालन से जुड़ें किसान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव. नई तकनीक और नवाचार ने खेती में समृद्धि के नए रास्ते खोले, किसानों को दिन में ही पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी

chif editor MANESH SAHU 9407073701
By -
0
पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधिकरण, उद्यानिकी और पशुपालन से जुड़ें किसान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव. नई तकनीक और नवाचार ने खेती में समृद्धि के नए रास्ते खोले, किसानों को दिन में ही पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी



भोपाल/छिन्दवाड़ा/मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नई तकनीक और नवाचार ने खेती-किसानी में समृद्धि के नए रास्ते खोले हैं। आने वाले समय में कृषि उद्योग ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिक समृद्धि के नए अवसर सृजित करेगा। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ फसल विविधिकरण, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को अपनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से अशोकनगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादन के साथ दुग्ध उत्पादन और मछली पालन जैसी गतिविधियों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

अशोकनगर के किसान प्रदेश के लिए बन रहे मिसाल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अशोकनगर के अन्नदाता अपनी मेहनत और नवाचारों के माध्यम से प्रदेशभर के किसानों के लिए मिसाल बन रहे हैं। चंदेरी साड़ी ने जिले को वैश्विक पहचान दिलाई है, वहीं अशोकनगर का शरबती गेहूं अपने विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के कारण देशभर में प्रसिद्ध है।

उन्होंने कहा कि जिले के किसानों में धनिया और गुलाब जैसी उद्यानिकी फसलों के प्रति रुचि बढ़ रही है। कम वर्षा की चुनौती के बीच डीआरएस तकनीक से धान की रोपाई का रकबा बढ़ाकर किसानों ने आपदा को अवसर में बदला है। फसल विविधिकरण के कारण जिले में चना और मसूर का रकबा भी बढ़ा है।

सीमा पर जवान और खेत में किसान की भूमिका समान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान, महिला, गरीब और युवा राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण चार प्रमुख वर्ग हैं। किसान के समृद्ध और खुशहाल होने से ही समाज अन्न और धन-धान्य से परिपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान और खेत में किसान की भूमिका समान है, क्योंकि दोनों ही राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ किसान हित में कार्य कर रही है तथा पूरे वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। खेती को अधिक लाभप्रद बनाने के लिए प्रदेशभर में बिजली और पानी की व्यवस्था के साथ खेतों तक सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए वर्ष में एक ही बार खाते का निपटान करने की व्यवस्था की गई है। साथ ही कृषि भूमि के भू-अर्जन की स्थिति में किसानों को चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।

कुछ माह बाद दिन में ही पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ माह बाद किसानों को दिन के समय ही पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने बताया कि किसानों को सिंचाई के लिए पांच, सात और दस हॉर्स पावर के बिजली पंपों पर बड़े स्तर पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। लाड़ली बहना योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से प्रदेश के भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा, शिक्षा और संवर्धन के लिए भी प्रतिबद्ध है। सांदीपनि विद्यालयों के साथ प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं को भी बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव में उपस्थित किसानों से वर्चुअल संवाद करते हुए आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक मुंगावली श्री बृजेंद्र सिंह यादव, किसान श्री जयपाल चावड़ा, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्री धर्मवीर रघुवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)
400/related/default