उज्जैन में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद 20 गुना बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या, मुख्यमंत्री ने भगवान द्वारकाधीश के किए दर्शन
भोपाल/छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात की देवभूमि द्वारका पहुंचकर सपत्नीक भगवान श्री द्वारकाधीश के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी के अवसर पर देश और प्रदेशवासियों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, अन्य परिजन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव डॉ. इलैया राजा टी. भी उपस्थित रहे।
धार्मिक पर्यटन के नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे
भगवान द्वारकाधीश के दर्शन-पूजन के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के उज्जैन और गुजरात की द्वारका सहित देशभर में धार्मिक पर्यटन का तेजी से विकास हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उज्जैन में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या 20 गुना बढ़ी है। वर्तमान में उज्जैन में 10 करोड़ से अधिक तीर्थ यात्री पहुंच रहे हैं। इसी प्रकार काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के निर्माण से वाराणसी में भी धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिली हैं।
जन्माष्टमी से पहले द्वारकाधीश के दर्शन सौभाग्य की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि द्वारकाधीश मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन संस्कृति के चार धामों में से एक प्रमुख तीर्थ है। जन्माष्टमी से ठीक पहले भगवान श्री द्वारकाधीश के भव्य दर्शन का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है।
उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले वे सोमनाथ धाम भी गए थे। इसके बाद द्वारका पहुंचकर भगवान द्वारकाधीश का विधिवत दर्शन-पूजन किया और मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी प्रमुख देवस्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।
धार्मिक स्थलों पर विकसित हो रही सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं देवस्थानों पर सुगम आवागमन, श्रद्धालुओं के ठहरने, सुरक्षा और आवश्यक अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। राज्य सरकार भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुनः स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
