जल जीवन मिशन के कार्यों की कलेक्टर ने की विस्तृत समीक्षापेयजल गुणवत्ता पर विशेष निगरानी के निर्देश, वर्षाकाल में जल स्रोतों की नियमित जांच और क्लोरिनेशन सुनिश्चित करने को कहा

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जल जीवन मिशन के कार्यों की कलेक्टर ने की विस्तृत समीक्षा
पेयजल गुणवत्ता पर विशेष निगरानी के निर्देश, वर्षाकाल में जल स्रोतों की नियमित जांच और क्लोरिनेशन सुनिश्चित करने को कहा

छिंदवाड़ा। जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित कार्यों और जल निगम की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने की।

बैठक में कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति, पेयजल उपलब्धता, जल स्रोतों की स्थिति तथा पेयजल गुणवत्ता से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जाए।

2 लाख 21 हजार से अधिक नल कनेक्शन पूर्ण

बैठक में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की जानकारी दी। बताया गया कि खंड छिंदवाड़ा में 99.28 प्रतिशत और खंड परासिया में 95.31 प्रतिशत एकल ग्राम योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। जिले में अब तक कुल 2 लाख 21 हजार 377 नल कनेक्शन प्रदाय किए जा चुके हैं।

महाप्रबंधक जल निगम ने बताया कि माचागोरा समूह जल प्रदाय योजना का 81 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही जून 2027 तक जिले के सभी 721 ग्रामों में पेयजल सप्लाई टेस्टिंग का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, उनकी नियमित समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने शेष नल कनेक्शनों का कार्य भी शीघ्र पूर्ण कराने तथा सभी योजनाओं में समयबद्धता और गुणवत्ता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

वर्षाकाल में पेयजल गुणवत्ता पर विशेष निगरानी

कलेक्टर श्री नारायन ने वर्षाकाल को देखते हुए पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जल स्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा रहता है। इसलिए विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों की नियमित जांच और आवश्यकता के अनुसार पानी के नमूनों का परीक्षण कराया जाए।

उन्होंने जल स्रोतों में नियमित क्लोरिनेशन सुनिश्चित करने तथा नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पेयजल शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई

कलेक्टर ने पेयजल गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल संज्ञान लेकर मौके पर पहुंचें और समस्या का वास्तविक कारण पता कर उसका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहें। आवश्यकता होने पर जल के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए और पानी दूषित पाए जाने की स्थिति में नागरिकों के लिए तत्काल वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मैदानी निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश

कलेक्टर श्री नारायन ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम के अधिकारियों को मैदानी स्तर पर नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन मौके पर पहुंचकर किया जाए, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, जल स्रोतों की स्थिति और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की प्रभावी निगरानी हो सके।

बैठक में महाप्रबंधक जल निगम, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड छिंदवाड़ा एवं परासिया सहित विभाग के सभी सहायक यंत्री, उपयंत्री और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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