किसानों की सेवा का त्यौहार है बलराम कृषि महोत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादवफील्ड से लेकर फैक्ट्री तक सरकार किसानों के साथभिंड में आयोजित महोत्सव में मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से की सहभागिता

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किसानों की सेवा का त्यौहार है बलराम कृषि महोत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक सरकार किसानों के साथ
भिंड में आयोजित महोत्सव में मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से की सहभागिता

भोपाल/छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव अन्नदाता किसानों की सेवा और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व है। कृषि क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनेगा। सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक किसानों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भिंड जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने जिले के किसानों से महोत्सव में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि वे अपनी रुचि के अनुसार दुग्ध उत्पादन, श्रीअन्न, मछली पालन और उद्यानिकी जैसे क्षेत्रों में नई शुरुआत करें। उन्होंने कहा कि धरती माता किसानों की सबसे बड़ी पूंजी है। किसान अपनी जमीन को बेचने के बजाय इसे अपनी अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखें और बच्चों को भी इसी पूंजी में मेहनत एवं समर्पण का निवेश करना सिखाएं।

कृषि के साथ पशुपालन और मछली पालन में भी प्रगति

मुख्यमंत्री ने कहा कि भिंड जिले में कृषि, पशुपालन और मछली पालन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है। चंबल, सिंध और पहुज नदियों के पानी से सिंचित क्षेत्र में बाजरा, गेहूं और सरसों का उत्पादन प्रमुखता से होता है। मुरैना-भिंड क्षेत्र में प्रदेश की 50 प्रतिशत से अधिक सरसों का उत्पादन होता है।

उन्होंने बताया कि जिले में 3 हजार से अधिक किसानों द्वारा करीब 1250 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा रही है। दुग्ध संकलन में भी 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। करीब 60 गौशालाओं में गौसेवा की जा रही है। पांडरी गांव में 5 हजार निराश्रित गौवंश के आश्रय के लिए स्वावलंबी गौशाला की तैयारी की जा रही है।

भवथरा गांव में 25 लाख रुपये की लागत से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक अपनाई गई है, जिससे करीब 8 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और किसान मिलकर भिंड में विकास का नया इतिहास रच रहे हैं।

सिंचाई परियोजनाओं से बदलेगी खेती की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से भिंड की खेती-किसानी में बड़ा बदलाव आ रहा है। ऐतिहासिक पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का लाभ जिले को मिलेगा, जिससे सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।

उन्होंने बताया कि सिमार स्टॉप डैम का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिससे 210 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। अटेर की कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना का कार्य जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे 96 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी। वर्तमान में राजघाट, चंबल और हर्सी नहर प्रणालियों से जिले में 1 लाख 62 हजार 381 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है।

प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

कार्यक्रम में कृषि एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें फलोद्यान नर्सरी, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, केंचुआ खाद उत्पादन, उन्नत तकनीक से सब्जी उत्पादन और देशी बीज संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसान शामिल रहे।

कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

योजनाओं की जानकारी के लिए लगाए स्टॉल

समारोह स्थल पर किसानों की सुविधा के लिए कृषक पंजीयन, ई-केवाईसी और फार्मर आईडी पंजीयन के विशेष स्टॉल लगाए गए। पशुपालन एवं डेयरी, कृषि, कृषि अभियांत्रिकी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य तथा सहकारिता विभागों ने प्रदर्शनी लगाकर विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी।

स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में रंग भर दिया।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर पूरे प्रदेश में उत्सव के माहौल में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि किसान कल्याण वर्ष के आयोजनों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

कार्यक्रम में अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक श्री महेन्द्र यादव, विधायक श्री नरेंद्र सिंह कुशवाह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरोज बघेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

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