दोनों शिविरों में 728 दिव्यांगजनों का पंजीयन, 234 दिव्यांगजनों का सहायक उपकरण के लिये चिन्हांकन एवं 308 दिव्यांगजनों के बनाये गये दिव्यांग प्रमाण पत्र
![]() |
कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के अंतर्गत जिले में निवासरत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के उद्देश्य से जिले में 22 अक्टूबर तक दिव्यांगजन चिन्हांकन शिविरों का आयोजन किया गया है। इसी श्रृंखला में गत दिवस जिले के विकासखंड चौरई की जनपद पंचायत चौरई और नगर पालिका चौरई व नगर पंचायत चांद के हितग्राहियों के लिये जनपद पंचायत चौरई में तथा विकासखंड बिछुआ की जनपद पंचायत बिछुआ व नगर पंचायत बिछुआ के हितग्राहियों के लिये जनपद पंचायत बिछुआ में दिव्यांगजन चिन्हांकन शिविर संपन्न हुये । इन दोनों शिविरों में 728 दिव्यांगजनों का पंजीयन व 234 दिव्यांगजनों का सहायक उपकरण के लिये चिन्हांकन किया गया और मेडिकल बोर्ड के माध्यम से 308 दिव्यांगजनों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाये गये ।
जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के प्रशासनिक अधिकारी श्री पंचलाल चंद्रवंशी ने बताया कि चौरई और नगर पालिका चौरई व नगर पंचायत चांद के हितग्राहियों के लिये आयोजित शिविर में ट्रायसिकल के लिये 55, व्हील चेयर के लिये 40, वैसाखी के लिये 15, श्रवण यंत्र के लिये 29, सी.पी.चेयर के लिये 4, कृत्रिम अंग व उपकरण के लिये 4, रोलेटर के लिये 4, ए.डी.एल.किट के लिये 4, स्मार्ट फोन के लिये 4, स्मार्ट केन के लिये 2, केलिपर्स के लिये 2 और मोट्राइज्ड ट्रायसिकल के लिये 22 दिव्यांगजनों का चिन्हांकन किया गया । साथ ही मेडिकल बोर्ड के माध्यम से 113 दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाये गये और 22 दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्रों को पुन: प्रमाणित किया गया । इसी प्रकार जनपद पंचायत बिछुआ व नगर पंचायत बिछुआ के हितग्राहियों के लिये आयोजित शिविर में ट्रायसिकल के लिये 13, व्हील चेयर के लिये 5 वैसाखी के लिये 10, वाकर के लिये एक, स्मार्ट फोन/स्मार्ट केन के लिये एक, ए.डी.एल.किट के लिये 3, श्रवण यंत्र के लिये 5, कृत्रिम अंग व उपकरण के लिये 2, सेलफोन के लिये एक, रोलेटर के लिये 2, कैलीपर्स के लिये एक, छड़ी के लिये 2 और मोट्राइज्ड ट्रायसिकल के लिये 3 दिव्यांगजनों का चिन्हांकन किया गया । साथ ही मेडिकल बोर्ड के माध्यम से 111 अस्थिबाधित, 19 श्रवणबाधित, 39 दृष्टिबाधित और 4 मानसिक मंदता के प्रमाण पत्र बनाये गये ।


