म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमि. के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में विशेष न्यायालय में दर्ज प्रकरणों में आकलित सिविल दायित्व की राशि में 20 प्रतिशत और छ: माही चक्रवृध्दि दर के अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर शत-प्रतिशत तथा न्यायालय में प्रकरण दर्ज नहीं होने की स्थिति में आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत और छ: माही चक्रवृध्दि दर के अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर शत-प्रतिशत छूट प्रदान की जायेगी । आवेदक को निर्धारित छूट के बाद शेष देय आकलित सिविल दायित्व की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा । आवेदक को विधिक संयोजन नहीं होने की स्थिति में विधिक संयोजन प्राप्त करना और पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरुध्द यदि कोई राशि हो तो उसका भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। आवेदक को विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही छूट दी जायेगी। यह छूट मात्र नेशनल लोक अदालत की तिथि 11 फरवरी तक समझौता करने के लिये लागू रहेगी तथा 11 फरवरी के बाद कंपनी द्वारा छूट प्रदान नहीं की जायेगी और संबंधित उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को 16 प्रतिशत चक्रवृध्दि ब्याज की दर से भुगतान करना होगा जिसकी जवाबदेही उपभोक्ता/उपयोगकर्ता की रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं/उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि कंपनी और विशेष न्यायालय द्वारा की जाने वाली कार्यवाही से बचने के लिये इस लोक अदालत में प्रकरण का नि

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