धर्मान्तरित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति से हटाकर आरक्षण समाप्त करने दिया ज्ञापन

धर्मान्तरित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति से हटाकर आरक्षण समाप्त करने दिया ज्ञापन


धर्मांतरित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची से हटाकर उन्हें दिया जाने वाला आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर मंगलवार को जनजाति सुरक्षा मंच हर्रई ने कामनी शाह के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया, कि संविधान के अनुछेद 342 का फायदा लेकर पूरे देश मे धर्मान्तरित व्यक्तियों के द्वारा जनजातियों के आरक्षण का लाभ लिया जा रहा है एवं जनजातियों से उनका अधिकार छीना जा रहा है।भारतीय अधिनियम 1935 के तहत भारतीय ईसाई की परिभाषा में यह कहा गया है, कि भारतीय ईसाई वह होगा जो कोई भी ईसाई पंथ को मानता हो। इसके अनुसार अनुसूचित जनजाति से जब एक व्यक्ति ईसाई धर्म में धर्मान्तरित हो जाता है, तो स्वाभाविक रूप से वह व्यक्ति भारतीय ईसाई की श्रेणी में आएगा। इसलिए उसको किसी भी प्रकार की आरक्षण की सुविधाएं देना असंवैधानिक माना जाएगा।अनुसूचित जनजातियों के साथ हो रहे इस अन्याय को हमेशा के लिए खत्म कर धर्मांतरित लोगों को अनुसूचित जनजाति की सूची से हटाने के लिए आवश्यक संसोधन किया जाए।साथ ही ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए।ज्ञापन सौपते समय जनजाति सुरक्षा मंच के पदाधिकारी ज्वारसिह भलावी,फूलसिंह,प्रताप सिंह,संजू उइके के अलावा बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

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