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बाहुल्य विकासखंड तामिया का ग्राम हर्ष दिवारी
मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री भी चख चुके हैं यहां के मिलेट से बने उत्पादों का स्वाद
छिन्दवाड़ा/ 07 फरवरी 2023/ छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी विकासखंड तामिया के ग्राम हर्ष दिवारी में स्थित फलम संपदा प्रोडूसर कंपनी लिमिटेड मिलेट उत्पाद निर्माण में जिले के लिए एक उदाहरण बना हुआ है। नाबार्ड के सहयोग से संस्था द्वारा 15 जनवरी 2014 को कंपनी एक्ट 1956(का) 01 के भाग 9क के आधीन फलम संपदा प्रोडूसर कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया । फलम संपदा प्रोडूसर कंपनी लिमिटेड बनाने का मुख्य उद्देश्य आदिवासी महिलाओं एवं पुरुषों को कृषि उत्पाद प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है जिससे उनका आर्थिक एवं सामाजिक विकास हो सके। साथ ही पलायन को रोका जा सके।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार फलम संपदा द्वारा अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सर्वप्रथम कोदो, कुटकी एवं सवा की बुआई, गहाई एवं प्रसंस्करण हेतु नई तकनीकी एवं मशीनों को सी.आई.ए.ई. भोपाल की मदद से उपलब्ध कराया गया । प्रसंस्करण के लिए महिलाओं का चयन किया गया । प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के लिए प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना की गई। महिलाओं को प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं पैकेजिंग के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रसंस्करण के लिए उत्पादों कोदो, कुटकी, सवा के चावल, कुटकी के बिस्किट, मल्टीग्रेन आटा आदि का निर्माण किया जा रहा है।
परिवेश में आया बड़ा परिवर्तन, स्व सहायता समूह को मिला बड़ा प्लेटफार्म- छिदवाड़ा जिले के आदिवासी विकासखंड तामिया में आज 1500 किसानों के द्वारा कंपनी का संचालन किया जा रहा है। फलम संपदा प्रोडूसर कंपनी बनने से जिस स्वयं सहायता समूह के पास कोई भी व्यापारिक प्लेटफार्म नहीं था, उसे एक बड़ा प्लेटफार्म मिल गया है। समूह की महिलाओं को रोजगार प्राप्त होने के साथ ही उनके अंदर आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने से बचत भी काफी बढ़ गई है। प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से रोजगार के साथ उत्पादों के माध्यम से 2 से 3 गुना तक बढ़कर कीमत प्राप्त हो रही है। आर्थिक संपन्नता आने से उनके रहन-सहन एवं जीवन स्तर में काफी बदलाव आया है। रोजगार मिलने से अब यह बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रहे हैं। फलम संपदा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने सफलतापूर्वक अपने उद्देश्य को प्राप्त करते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई है और एक अलग मुकाम हासिल किया है। कंपनी का टर्नओवर 2014-15 में 6.30 लाख रूपये था, जो 2017-18 में बढ़कर 15.62 लाख रूपये हुआ। वर्ष 2019-20 में यह टर्नओवर 19 लाख रूपये एवं वर्ष 2020-21 में 40 लाख रूपये था। जिसे वर्ष 2021-22 में 60 लाख रूपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया था। वर्तमान में कंपनी के मिलेट आधारित नेचुरल ब्रांड के नाम से प्रोडक्ट बेहतरीन गुणवत्ता एवं पैकेजिंग के साथ देश के अलग-अलग भागों में उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इसकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फलम के उत्पाद लोकल मार्केट से लेकर आज ऑनलाइन मार्केट तक पहुंचकर लोगों की पहली पसंद बन गए हैं।
इतना ही नहीं इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मलेन में अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा लगाये गए स्टॉल में भी इस संस्था के मिलेट उत्पाद का प्रदर्शन किया गया जिसका स्वाद स्वयं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल के साथ ही देश-विदेश से आये अथितियों ने चखा एवं सराहना की। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में 17 एवं 18 जनवरी 2023 को छिंदवाड़ा जिले के मिलेट उत्पादक कृषकों की कार्यशाला का आयोजन भी किया गया और जिला प्रशासन द्वारा मिलेट उत्पादन और मिलेट उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।



