सामाजिक कार्यकर्ता भगवानदीन साहू ने जिला कलेक्टर एवं नगर निगम कमिश्नर के नाम ज्ञापन देकर माननीय म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश का विधिवत पालन करवाये जाने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि दिनांक 16-03-2023 को बहुत से स्थानीय समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनलों पर सम्पत्ति कर के सम्बंध में खबर प्रकाशित की है । जिसमें दिखाया गया है कि सन्त श्री आशारामजी गुरूकुल की सम्पत्ति कुर्क होगी । यह समाचार निराधार है । सम्पत्ति कर देना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है । पर राज्य सरकार ने जनहित के सेवाकार्य करने वाली शैक्षणिक संस्थान को इससे मुक्त रखा है । सन 2017 में एक नगर निगम कमिश्नर हुआ करते थे गढ़पाले जी , जिन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैरकानूनी तरीके से कर वसूली का अभियान चलाया था । विवाद म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर पहुचा । जिसका प्रकरण क्रमांक wp / 641/
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2018 है । जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा स्टे प्रदान किया है । सम्पत्ति कर का प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है । ऐसी स्थिति में आपके द्वारा बार-बार आपके अधीनस्थों को वसूली हेतु गुरूकुल भिजवाना , अखबारों में न्यूज़ चैनलों पर प्रकाशित करवाना ; न्याय सिद्धांतों के खिलाफ है । इस गुरुकुल में देश के 24 राज्यों तथा विदेश के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पूरे देश में एवं राज्य में सर्वाधिक खेलकूद एवं अन्य कई प्रतियोगिता में विजयी होने का गौरव भी इन्हीं विद्यार्थियों के नाम है । सन 2007 में इसी गुरुकुल से मातृ-पितृ पूजन दिवस की शुरुआत हुई थी , जो आज विश्व के 167 देशों का पर्व बन गया है । गत वर्ष इसी गुरूकुल की छात्रा खुशी कुकरेजा ने CBSE 12 th में देश के टॉप 10 में जगह बना कर जिले को गौरान्वित किया था। प्रतिवर्ष संस्था द्वारा लाखों निराश्रित , जरूरतमंदों को
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जरूरत की सामग्री भेंट कर उनकी मदद की जाती हैं । ट्रस्ट के संचालित सेवाकार्यों की जिले के उच्च अधिकारी भी सराहना कर चुकें हैं। आपने संस्था को बदनाम करने के उद्देश्य से और माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की है । इसलिए 3 दिवस में माफी नामा सभी समाचार पत्र और न्यूज़ चैनलों में प्रकाशित करें । अन्यथा मुझे न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।
संलग्न:- माननीय मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश की प्रति