श्री कृष्ण की भागवत कथा की रासलीला में डूबे पंडाल प्रांगण में नाचते व झूम उठे श्रद्धालु दिखे
बटकाखापा --- वैशाख मास के उपलक्ष में दुर्गा माता मंदिर प्रांगण बटकाखापा में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण के संगीतमई कथा के पांचवी दिवस के सत्र के अवसर में कथा वाचिका सुश्री जयंती किशोरी जी शर्मा श्री धाम वृंदावन के मुखारविंद से योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण के जन्म के पश्चात कंस के द्वारा भेजी गई राक्षसी पूतना का वध कर उसके उद्धार कर उसे उसके धाम पहुंचाया नंदगांव में चलने वाले नंद महोत्सव में नंदबाबा के द्वारा ब्राह्मणों याचिकों को दिए गए विभिन्न प्रकार के दान एवं उपहार के बाद भगवान शिव के द्वारा योगेश्वर लीलाधारी भगवान श्री कृष्ण के दर्शन का मनभावन वर्णन बताया या बैरागी भेष में पहुंचे भगवान शिव को अपने लल्ला के दर्शन के लिए माता यशोदा ने कैसे बार बार मना किया अंत में भगवान शिव की लीलाओं का ज्ञान होने पर माता यशोदा ने शिव जी को अपने कन्हैया के दर्शन कराये भगवान भी उन्हें आशीर्वाद प्रदान कर अपने धाम कैलाश गमन किया कुछ बडे होने पर भगवान के अपने अपने बाल सखाओं के संग की ग़ई बाललीलाएं माखनचोरी वन में जाकर गायों को चराना ब्रज वासियों के द्वारा बरसों से गोवर्धन पर्वत पर की जा रही देवराज इंद्र की पूजा नहीं करने पर क्रोधित इंद्र के द्वारा 7 दिनों तक अनावृत वर्षा करने पर भगवान श्री कृष्ण का ब्रज वासियों एवं ग्वाल बालों के साथ अपनी एक अंगुली पर पर्वतराज गोवर्धन को उठाना और उन्हें शरण देना अंत में इंद्र का भगवान श्री कृष्ण से क्षमा मांगना एवं आगे से गिरिराज गोवर्धन महाराज की पूजन करने के लिए कहना इस अवसर पर मंगल गीत गाकर माताओं बहनों एवं छोटी-छोटी बच्चियों के द्वारा नित्य कर आरती प्रसाद का वितरण किया गया

