मोहखेड:-मोहखेड ब्लाक में नवीन तहसील भवन निर्माण की जमीन को लेकर राजस्व और जनप्रतिनिधियो की बीच खीचातानी का खेल चल रहा था.मोहखेड के भाजपा-कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों का कहना था कि भवन मोहखेड में ही बनना चाहिए.लेकिन राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी यहा न बनाकर अन्य जगह पर निर्माण किए जाने को लेकर थे।सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार सौंसर एसडीएम के द्वारा उमरानाला की कोल्ड स्टोर जमीन का नापजोप करा लिया गया.इधर मोहखेड के भाजपा जनप्रतिनिधियों की बातो को नजरअंदाज किये जाने पर नाराज भाजपा के जनप्रतिनिधि 13 जून मंगलवार को कलेक्टर शीतला पटले से मुलाकात कर मोहखेड में तहसील भवन निर्माण को लेकर अपनी बात रखी.साथ ही उन्होंने एसडीएम की शिकायत की.इधर 14 जून बुधवार को पांढुर्ना विधायक नीलेश उइके कांग्रेसियो के साथ कलेक्टर से मुलाकत कर सबंधित समस्याओं से अवगत कराया गया उन्होंने कहा कि भवन मोहखेड मे बनना चाहिए जिससे सभी लोगो को फायदा मिलेगा.इधर कलेक्टर शीतला पटले के द्वारा भाजपा-कांग्रेस नेताओ को आशवस्त करते हुए कहा कि मोहखेड में ही भवन का निर्माण करवाया जाएगा.
15 जून को देरशाम 4 बजे सौंसर एसडीएम श्रैंयांस कुमठ द्वारा भाजपा जनप्रतिनिधियों के साथ मोहखेड के उत्कृष्ट विधालय के खेल मैदान और मऊ पंचायत के खेल मैदान की जमीन का स्थल निरिक्षण किया गया।सौंसर एसडीएम श्रैंयांस कुमठ ने मोहखेड तहसीलदार शोभना ठाकुर को दिशानिर्देश देते हुए कहा कि वह जनप्रतिनिधियों के साथ बैंठकर दोनो जमीन में एक जगह चयन किए जाने को कहा.बहरहाल अधिकतर संभव मऊ पंचायत के खेल मैदान में बनाये जाने की चर्चा है,क्योंकि कि यह पर पर्याप्त जमीन है.इस दौरान भाजपा मंडल मोहखेड अध्यक्ष सदन साहू,महामंत्री अनिल विशकरमा, जनपद पंचायत मोहखेड अध्यक्ष कृष्णा डिगरसे,पूर्व सरपंच शयामू साहू,सुदामा डोबले,दिनेश घोरसे,
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एसडीएम के व्यवहार में दिखा बड़ा बदलाव
सौंसर एसडीएम श्रैंयांस कुमठ का एक अलग ही व्यवहार था.वह तहसील आते और सीधे चले जाते थे.न ही जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों से कोई चर्चा करते थे.ऐसे में बुधवार को अचानक उनके व्यवहार में अलग से बदलाव नजर आया वह जनप्रतिनिधियों के साथ खुशी-खुशी बातचीत और जमीन चयन को लेकर जनप्रतिनिधियों पर छोड़ा.इधर एसडीएम के बदलाव पर हर जनप्रतिनिधि-अधिकारी और पत्रकार भी अचंभित हुए.बहरहाल सभी का कहना कि अधिकारियों को सभी के साथ घूल मिलकर रहना चाहिए. नाकि हिटलरशाही व्यवहार के रूप में रहना चाहिए.


