मोक्ष प्राप्ति का सबसे उत्तम द्वार भागवत कथा का श्रवण - सगुना बाईसा
जुन्नारदेव ---- मोक्ष की कामना प्रत्येक मनुष्य करता है, लेकिन सभी को सही राह नहीं मिलती है। भागवत महापुराण कथा एक ऐसा मार्ग है जो प्रत्येक को मोक्ष की ओर ले जाती है वर्तमान में मोक्ष प्राप्ति का सबसे उत्तम द्वार श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण ही है कलयुग में भगवत कथा ही सभी पापों का नाश कर मोक्ष का उत्तम द्वार प्रशस्त करती है उक्त आशय के उद्गार संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के द्वितीय दिवस कथावाचक सगुना बाईसा गौ सेवा कुंज आश्रम उज्जैन के द्वारा नगर की समीपस्थ ग्राम पंचायत कालीमाटी के शिव मंदिर में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दौरान व्यक्त किए गए। उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित को मिले श्राप से हुई मृत्यु के बाद भी कथा सुनने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसलिए कलयुग में मोक्ष की कामना करते है तो श्रीमद् भागवत महापुराण कथा से श्रेष्ठ मार्ग कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को सात दिनों में सर्प के डसने से मृत्यु होने का श्राप मिला और उन्होंने इन सात दिनों में ही श्रीमद् भागवत कथा श्रवण कर मोक्ष को प्राप्त कर भगवान के बैकुंठ धाम को चले गए। इस कलयुग में भी मनुष्य श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर अपना कल्याण भी कर सकते हैं। इस कलयुग मे भी मनुष्य भगवान के नाम स्मरण मात्र से भगवत् शरणागति की प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बना सकते हैं। इसके बाद भागवत महापुराण की आरती भक्तों ने भक्तिभाव से ओत-प्रोत होकर की। इस अवसर पर कथा आयोजक रश्मि चौहान ऋतुराज चौहान, सहित बड़ी संख्या में नगरी क्षेत्र सहित ग्रामीण अंचल की जनता उपस्थित रहे भागवत कथा का वाचन प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 7:00 बजे तक किया जा रहा है भागवत कथा के तीसरे दिन पार्वती विवाह प्रहलाद चरित्र की कथा का वाचन किया जाएगा।


