जुन्नारदेव ------ नगर के दुन्सुआ परिवार द्वारा बजार क्षेत्र के मंगल भवन में अधिक मास के अवसर पर भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें वृंदावन धाम से पधारे आचार्य शुभम कृष्ण शास्त्री (छोटे सरकार) कथा का वाचन कर रहे हैं। 20 जुलाई में कथा के तीसरे दिन कपिल अष्टाध्यायी,अष्टांग योग एवं सती चरित्र का विस्तार से वर्णन किया गया। तत्पश्चात शिव विवाहोत्सव धूम धाम से मनाया गया। शिव विवाह की कथा का वाचन करते हुए भगताचार्य द्वारा कहा गया कि माता सती भगवान शिव को मन ही मन पति स्वीकार कर चुकी थी और वह भगवान शिव से ही विवाह करने के लिए घोर तपस्या कर रही थी माता सती के पिता उनका विवाह शिव से नहीं कराना चाहते थे अंत में माता सती की इच्छा के आगे हार गए और भगवान शिव से विवाह संपन्न हुआ भगवान शिव की बारात में नर पिशाच दानव देवता पशु सहित समस्त लोगों के प्राणी उपस्थित हुए शुभी बारात में नंदी पर सज धज कर बैठे हुए आए जहां पर शिव की मूरत ने हर किसी को आकर्षित किया भगवान शिव और माता पार्वती की झांसी भी भागवत कथा के दौरान प्रस्तुत की गई भागवत कथा के चौथे दिवस 21 जुलाई को श्री कृष्ण कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। भागवत कथा आयोजक दुन्सुआ परिवार ने नगर की धर्म प्रेमी जनता से
अधिकाधिक संख्या में पधारकर भागवत कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।


