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शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.चंदेलकर ने बताया कि विषय विशेषज्ञ श्री जुनेजा ने अपने व्याख्यान में बताया कि कैसे रसायन शास्त्र की आधारभूत तकनीक जैसे पी.एच.मीटर, टाईट्रेशन व स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग फूड, वेजिटेबल व हर्बल प्रोडक्ट के उत्पादन में किया जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी इंडस्ट्री लगभग 700 से अधिक प्रोडक्ट निर्मित करती है। साथ ही विभिन्न उत्पादों का निर्माण कैसे किया जाता है जिससे जीरो वेस्ट रहे। कार्यक्रम में प्रो.साधना जैन ने विद्यार्थियों को एम.एस.सी. के दौरान फील्ड विजिट के महत्त्व को बताया । डॉ.अरुणा परतेती ने विद्यार्थियों को लीडरशिप व प्रायोगिक अध्ययन की महत्ता को बताया। वर्तमान में रसायनशास्त्र विभाग से म.प्र.लोक सेवा आयोग से वैज्ञानिक अधिकारी में चयनित महाविद्यालय के लैब तकनीशियन डॉ.कुलदीप मालवीय ने अपने व्याख्यान में रसायनशास्त्र विषय से स्नातक व स्नातकोतर के बाद रोजगार के अवसर और संभावनाओं पर प्रकाश डाला ।
व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों के लिए विषय विशेषज्ञ के साथ खुला मंच रखा गया जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रश्न किये जिनके उत्तर विषय विशेषज्ञ द्वारा दिये गये। इस व्याख्यान से रसायनशास्त्र के बी.एस.सी.स्नातक व स्नातकोत्तर के अध्ययनरत विद्यार्थी लाभान्वित हुये। कार्यक्रम में वरिष्ट प्राध्यापक डॉ.अमिताभ पाण्डेय की विशेष उपस्थिति में डॉ.एस.लाल ने कार्यक्रम का संचालन और डॉ.अरुणा परतेती ने आभार प्रदर्शन किया । कार्यक्रम में रसायनशास्त्र विभाग की प्राध्यापक डॉ.सुनीता दयाल, डॉ.अर्चना चतुर्वेदी, डॉ.प्रीति देशमुख, प्रो.शैली विश्वकर्मा डॉ.कविता जैन आदि उपस्थित थे ।


